मोहाली में आतंकी लांडा के गुर्गे पकड़े गए: लुधियाना कार लूट के मास्टरमाइंड!

पंजाब के मोहाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आतंकवादी लखवीर सिंह लांडा और गुरदेव सिंह उर्फ जैसल के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस ने हथियारों के साथ की है, जिसमें तीन प्वाइंट 32 बोर की पिस्टल, दो देसी पिस्तौल और 13 कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा, इन आरोपियों के पास से लुधियाना के थाना साहनेवाल क्षेत्र से चुराई गई एक कार भी बरामद की गई है। मोहाली के एसएसपी दीपक पारीख ने इस मामले का खुलासा करते हुए कहा कि इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर और भी महत्वपूर्ण जानकारियों का पता चल सकता है।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी अवतार सिंह उर्फ विक्की, जो गोइंदवाल का निवासी है, और अमरवीर सिंह, जो तरनतारन का रहने वाला है, ने आठ जनवरी को पटियाला से मोहाली जाने वाले तीन युवकों पर हमला किया। इस हमले में तीनों युवक गोली लगने से घायल हो गए। जब यह मामला पुलिस के ध्यान में आया, तब उन्होंने एक टीम गठित की और आरोपियों को पकड़ने में सफल हुए। इन दोनों आरोपियों की शैक्षणिक योग्यता 12वीं और 11वीं है, जबकि उनके तीसरे साथी अनमोल सिंह की गिरफ्तारी अभी शेष है।

पुलिस के अनुसार, यह आरोपियों ने लूट की योजना बनाते हुए पटियाला में फायरिंग की थी और यहां से एक गाड़ी चुराई थी। इस मामले में शंभू थाने में केस दर्ज किया गया है। इसके बाद ये आरोपी मोहाली पहुंचे और वहां युवकों पर फायरिंग कर दी। इसके उपरांत, ये लुधियाना गए और साहनेवाल क्षेत्र में एक ब्रेज़ा कार छीनने में सफल रहे। इसके बाद, उन्होंने होशियारपुर में जाकर हवाई फायरिंग भी की। पता चला है कि इनके खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं, जिसमें से एक मामला तरनतारन में आर्म्स एक्ट के तहत और दूसरा करतारपुर में लूट का है।

आतंकियों के संपर्क में रहने वाले इन आरोपियों की जांच पुलिस प्राथमिक स्तर पर कर रही है। पुलिस ने बताया है कि ये तीनों आरोपी आतंकियों के सीधे संपर्क में थे और ग्राउंड स्तर पर काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि ये दोनों शीर्ष आतंकियों से सीधे जुड़े हुए थे। अब पुलिस इनकी मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कर रही है और यह पता चल रहा है कि ये मध्य प्रदेश से हथियार लेकर आए थे। पैसे के लालच में ये आतंकियों के संपर्क में आए थे, और इससे जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने के लिए फोन और उनकी गतिविधियों की जांच जारी है।

इस पूरे प्रकरण ने यह स्पष्ट किया है कि युवा वर्ग को आतंकवाद के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मामलों में बढ़ोतरी न हो सके। पुलिस का यह प्रयास निश्चित रूप से यह संदेश देता है कि इतना सख्त कदम उठाया जाएगा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं घटित न हों।