चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय लोक कल्याण पार्टी (एनएलकेपी) और भारत गठबंधन ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इस अवसर पर एनएलकेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंदर प्रीत सिंह ने कहा कि देश में एक नई राजनीतिक सोच की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से इस बार तीन प्रमुख दलों—आप, भाजपा और कांग्रेस—का बहिष्कार करने का आह्वान किया। यह केवल एक चुनाव नहीं है, बल्कि यह एक क्रांति की तैयारी का संकेत है।
भारत गठबंधन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुधीर अग्रवाल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्तमान में तीनों प्रमुख राजनीतिक दल बेरोजगारी, महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याओं का समाधान निकालने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत गठबंधन एक नई आशा और वास्तविक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभरा है। वरिष्ठ नेता राम नगीना सिंह ने भी इस मौके पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि देश को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो सभी नागरिकों के लिए समानता, न्याय और विकास को प्राथमिकता दे, न कि कुछ खास लोगों के लिए।
मजदूरों के अधिकारों के लिए कई वर्षों से संघर्ष कर रहे सौदान सिंह यादव ने भी अपनी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि दशकों से मजदूरों की अनदेखी की जाती रही है और अब भारत गठबंधन हर भारतीय मजदूर के सम्मान, अधिकार और अवसर को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस गठबंधन का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि मजदूर वर्ग के अधिकारों का संरक्षण करना है।
दिल्ली के राजनीतिक माहौल में चुनावी हलचल के बीच, राष्ट्रीय लोक कल्याण पार्टी अपनी चुनावी तैयारी को लेकर आत्मविश्वास से भरी हुई है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि छोटे दल और निर्दलीय उम्मीदवार कितनी सफलता प्राप्त कर पाते हैं। एनएलकेपी का मानना है कि यदि वे सच्चे और मेहनती हैं, तो उन्हें लोगों का समर्थन और विश्वास प्राप्त होगा।
इस प्रकार, जोश और उत्साह के साथ, एनएलकेपी और भारत गठबंधन ने आगामी चुनाव में अपनी रणनीति को स्पष्ट कर दिया है। इनका लक्ष्य न केवल चुनाव में जीत हासिल करना है, बल्कि एक बदलाव लाना और समाज के समस्त वर्गों के लिए समानता, अधिकार और अवसर सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन दलों की ये कोशिशें कितनी सफल होती हैं और क्या यह वास्तव में एक नई राजनीतिक क्रांति की शुरुआत है।