बठिंडा: ट्रांसफॉर्मर लगवाने पर रिश्वत लेते बिजली विभाग का जेई रंगे हाथों गिरफ्तार!

बठिंडा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम के तहत विजिलेंस विभाग ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के एक जूनियर इंजीनियर को 7000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस अधिकारी सुखमंदर सिंह ने जानकारी दी कि भुच्चो कला के निवासी गुरदास सिंह ने शिकायत की थी कि उनके क्षेत्र में नया बिजली ट्रांसफॉर्मर स्थापित करने के लिए जेई संदीप कुमार ने रिश्वत की मांग की थी।

गुरदास सिंह ने पीएसपीसीएल को नियमों के अनुसार ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 7000 रुपये का आवेदन किया था। लेकिन, जेई संदीप कुमार ने इस प्रक्रिया में अतिरिक्त 7000 रुपये की रिश्वत की मांग की, जिससे गुरदास सिंह की परेशानी बढ़ गई। शिकायत के आधार पर, विजिलेंस विभाग ने गुप्त सूचना के माध्यम से एक जाल बिछाया और जेई संदीप कुमार को रिश्वत लेते हुए पकड़ने में सफलता प्राप्त की। इस कार्रवाई में विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

विजिलेंस विभाग ने बताया कि आरोपी जूनियर इंजीनियर संदीप कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहाँ उसकी जिम्मेदारियों की गहन जांच की जाएगी। विभाग का मानना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हो सकती हैं, जो भ्रष्टाचार के अन्य मामलों का भी पता लगाने में मदद कर सकती हैं।

बठिंडा में की गई यह कार्रवाई वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। विजिलेंस विभाग इस विषय में सजग है और वह रिश्वत लेने वाले सरकारी कर्मचारियों पर कट्टर नजर रख रहा है। इस प्रकार की कार्रवाई से यह साफ होता है कि सरकार भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए गंभीर है और ऐसे कर्मचारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह मुहिम सिर्फ बठिंडा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जा रही है।

इस क्रम में, शिकायतकर्ताओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे अपने अनुभव साझा करें और यदि किसी प्रकार के भ्रष्टाचार का सामना करें तो तुरंत इसकी सूचना दें। रिश्वतखोरी की इस प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय रूप से काम करने की आवश्यकता है। इस प्रकार की ठोस कार्रवाईयों से यह आशा की जा रही है कि आम जनता का सरकारी महकमों पर भरोसा बढ़ेगा और समाज में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।