घरेलू हिंसा कानून को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं करने वाले राज्यों पर पांच-पांच हजार का जुर्माना
नई दिल्ली, 18 फरवरी (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा कानून के क्रियान्वयन को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं करने पर केंद्रशासित प्रदेशों समेत कुछ राज्य सरकारों को फटकार लगाई है। जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं करने वाले राज्यों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं करने वाले राज्यों को चेतावनी दी कि अगर सुनवाई की अगली तिथि को रिपोर्ट दाखिल नहीं की जाती है तो अगली बार जुर्माना दोगुना हो जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने जिन राज्यों पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया उनमें आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, ओडिशा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और असम हैं। इसके अलावा दादरा एवं नगर हवेली, दमन और दीव, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी रिपोर्ट दाखिल नहीं की है।
दिसंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि घरेलू हिंसा अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। 17 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दाखिल करने की तिथि 14 फरवरी तक बढ़ा दी थी। इसके बावजूद जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं की उनके खिलाफ अब जुर्माना लगाया गया है।
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