महाकुंभ के आयोजन के मद्देनजर उत्तर-पश्चिम रेलवे ने प्रयागराज और पूर्वी भारत की ओर जाने वाली 22 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के परिणामस्वरूप यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार, महाकुंभ के दौरान बढ़ती हुई रेल यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। विशेष रूप से, राजस्थान के शहरों जैसे जयपुर और जोधपुर से आने वाले यात्री प्रभावित होंगे।
महाकुंभ के दौरान, रेलवे ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई ट्रेनों के रेक का इस्तेमाल महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के संचालन में किया है। इस कारण से, आम ट्रेनों की रद्दीकरण की अवधि बढ़ाई गई है। यात्रियों को पहले से ही इस संदर्भ में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें अपनी यात्रा की योजनाओं में बदलाव करने का समय मिल सके। इसके अलावा, यात्रियों को यह भी बताना आवश्यक है कि एक ट्रेन के रूट में आंशिक परिवर्तन किया गया है, जिससे कुछ यात्रियों को नई ट्रेनों की समय सारणी के अनुसार यात्रा करनी पड़ेगी।
बीकानेर से गुवाहाटी जाने वाली ट्रेन (15633) का रूट 26 फरवरी को बदला गया है। नया रूट कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, वाराणसी और पं. दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन होगा। इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह भी है कि कुछ यात्रियों को इस परिवर्तन के कारण अधिकतम सावधानी बरतनी होगी। रेलवे प्रशासन ने पहले से सभी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की है, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्रियों को सुझाव दिया गया है कि वे अपनी यात्रा से पहले रेलवे की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर ट्रेनों की स्थिति की जांच करें। इसके अलावा, यात्रियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि महाकुंभ के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी भारी भीड़ हो सकती है। इसलिए, समय प्रबंधन करते हुए यात्रा करना बहुत जरूरी है। आने वाले दिनों में यात्रा करने वाले सभी संबंधित लोगों से अपील की गई है कि वे रेलवे द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें और अपनी यात्रा योजनाओं में लचीलापन रखें।
इस प्रकार, महाकुंभ के आयोजन के चलते रेलवे द्वारा उठाए गए कदमों से स्पष्ट है कि यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेलवे प्रशासन का प्रयास है कि इस बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान कोई भी यात्री असुविधा का सामना न करे। हालांकि, यात्रियों को अपनी योजना में बदलाव करते समय सावधानी बरतनी होगी और रेलवे द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का ध्यान रखना आवश्यक है।