फंसे पंजाब मिनिस्टर! दिल्ली में हंगामा, पुलिस का ताना – यहां के मंत्री नहीं!

पंजाब के आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने पिछले रात दिल्ली के तुगलक रोड थाने के बाहर अपने समर्थकों के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली में अवैध तरीके से शराब और पैसे बांट रही है। जब उनके कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर पुलिस में शिकायत की, तो पुलिस ने न केवल कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि AAP के कार्यकर्ताओं और कुछ पत्रकारों को थाने में हिरासत में ले लिया। इस घटना की वीडियोग्राफी भी सोशल मीडिया पर साझा की गई, जिसमें अरोड़ा को पुलिस अधिकारियों के साथ बहस करते हुए देखा जा सकता है।

वीडियो में यह स्पष्ट हो रहा था कि थाने के अंदर पुलिस कर्मी अमन अरोड़ा को प्रवेश करने से रोक रहे थे। अरोड़ा के एक सहयोगी ने पुलिस कर्मी से कहा कि वह पंजाब के मंत्री हैं, जिस पर पुलिस कर्मी ने स्पष्ट किया कि अरोड़ा केवल पंजाब में मंत्री हैं, दिल्ली में नहीं। यह बहस रात के लगभग 2 बजे के आसपास हुई और इसका वीडियो पंजाब भर में तेजी से वायरल हो रहा है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्हें थाने में इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा क्योंकि दिल्ली पुलिस AAP कार्यकर्ताओं के खिलाफ अत्यधिक दबंगई कर रही थी। उन्होंने भाजपा के लोगों पर ठोस आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उन लोगों को खुला छोड़ दिया है जो भ्रष्ट तरीके से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके साथ अन्य कैबिनेट मंत्री जैसे लालजीत भुल्लर और शैरी कालसी भी मौजूद थे।

अमन ने आरोप लगाया कि वर्तमान में दिल्ली के थानों में इंसाफ की कमी है और AAP कार्यकर्ताओं को पुलिस से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से निवेदन किया कि वह अपनी वर्दी की गरिमा का पालन करें और भाजपा के इशारों पर न चलें। अमन ने स्पष्ट किया कि AAP इस धक्केशाही के खिलाफ खड़ी रहेगी और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ेगा।

इस मामले ने राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, खासकर तब जब पार्टी के प्रमुख नेता खुलेआम पुलिस द्वारा किए गए इस उत्पीड़न का विरोध कर रहे हैं। अमन अरोड़ा की इस गतिविधि से यह स्पष्ट होता है कि आम आदमी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है और किसी भी प्रकार की अनियंत्रित स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर दिल्ली पुलिस का क्या रुख होगा और क्या आम आदमी पार्टी अपने आरोपों को साबित करने में सफल होगी।