पंजाब में आज मौसम की स्थिति में अधिक परिवर्तन की उम्मीद नहीं है, लेकिन आज से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस विक्षोभ के चलते अमृतसर में सुबह हल्की बारिश हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के तापमान में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेग। पिछले 24 घंटों में औसत अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक बना हुआ है। राज्य के रूपनगर में आज का अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आज तापमान में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन पंजाब में अगले 2 से 3 दिनों के भीतर तापमान में 4 डिग्री तक का इजाफा हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 28 फरवरी तक बना रहेगा। यह विक्षोभ पहले पहाड़ी क्षेत्रों में असर डालेगा, जिसके कारण जम्मू-कश्मीर में 25 से 28 फरवरी के बीच बारिश और बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भी 26 से 28 फरवरी के बीच मौसम में बदलाव की उम्मीद है।
पंजाब में मौसम संबंधी चेतावनियाँ भी जारी की गई हैं। 26 से 28 फरवरी के दौरान बारिश की संभावना को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशेषकर गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, एसएएस नगर और नवां शहर के जिलों में बारिश होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
पंजाब के विभिन्न शहरों में वर्तमान तापमान की स्थिति के बारे में बात करें तो, अमृतसर में हल्के बादल छाने का अनुमान है, जिसमें न्यूनतम तापमान में वृद्धि की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान में कमी देखने को मिलेगी। आज का तापमान 12 से 21 डिग्री के बीच रहने का पूर्वानुमान है। जालंधर में भी हल्के बादल छाने का अनुमान है, जिससे न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी और अधिकतम तापमान 12 से 23 डिग्री के बीच में रहेगा।
लुधियाना में हल्की फुल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई जा रही है, जहां तापमान 12 से 21 डिग्री के बीच रह सकता है। पटियाला में भी इसी तरह की मौसम की स्थिति रहने की संभावना है, जहां तापमान 11 से 21 डिग्री के बीच रहेगा। मोहाली का तापमान भी 14 से 26 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जिसमें न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने की अपेक्षा की जा रही है। कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में पंजाब की मौसम स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से विभिन्न तापमान और मौसम की स्थितियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।