प्रयागराज की इस पवित्र भूमि की यात्रा अनमोल: के.अन्नामलाई
महाकुंभ की व्यवस्थाएँ अत्यंत उत्कृष्ट और अद्वितीय: चिदानन्द सरस्वती
महाकुम्भ नगर, 23 फरवरी (हि.स.)। तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष के.अन्नामलाई ने रविवार को कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ क्षेत्र की अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है। इस पवित्र भूमि की यात्रा को अनमोल अनुभव के रूप में याद किया जायेगा।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वह महाकुंभ की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को महसूस कर रहे हैं। प्रयागराज एक अद्वितीय स्थल है, जो भारत की सभ्यता की शाश्वत आत्मा का प्रतीक है। 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस पवित्र भूमि पर यमुना, गंगा और सरस्वती नदियों से दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आए हैं। इस दौरान के. अन्नामलाई परमार्थ निकेतन शिविर में पहुंचे। उन्होंने स्वामी चिदानन्द सरस्वती और डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती से मुलाकात की इस दौरान उन्होंने परमार्थ त्रिवेणी पुष्प प्रांगण में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि इस महाकुंभ के आयोजन ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है। प्रयागराज का संगम केवल एक भौतिक स्थल नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक है, जहाँ हर भक्त अपनी आस्था और विश्वास के साथ आकर पुण्य प्राप्त करता है। साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि महाकुंभ के माध्यम से हम सब एकजुट होकर देश और दुनिया में शांति, समृद्धि और एकता की भावना को प्रसारित करने में सफल होंगे।