TCS मैनेजर सुसाइड केस में पत्नी की भूमिका पर सवाल: एक्सपर्ट्स ने डिजिटल सबूतों को बताया निर्णायक!

आगरा के TCS में कार्यरत रिक्रूटमेंट मैनेजर मानव शर्मा ने 24 फरवरी को आत्महत्या कर ली। उनके निधन के आठ दिन बाद भी पुलिस उनकी पत्नी निकिता को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच, निकिता के मायके में ताला लटका हुआ है और पुलिस उसकी खोज में जुटी है। आत्महत्या की इस घटना में कई डिजिटल साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनमें मानवीय सुसाइड का लाइव वीडियो, निकिता के दूसरे लड़के के साथ रिश्ते का कबूलनामा और मानव, निकिता एवं उनकी बहन आकांक्षा के बीच हुई वॉट्सऐप चैट शामिल हैं। इन नए साक्ष्यों के आधार पर दैनिक भास्कर ने इस मामले की गहन छानबीन की है, जिसमें यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि निकिता की भूमिका इस मामले में कितनी महत्वपूर्ण है।

सरकारी अधिवक्ता बसंत कुमार गुप्ता और रिटायर्ड IPS अधिकारी राजेश पांडेय ने इस मामले की गहराई से जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव के आत्महत्या के वायरल वीडियो को नया BNS कानून डिजिटल साक्ष्य के रूप में माना जाएगा, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त हो सकता है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, क्या उनकी इस मामले में कोई संलिप्तता है या नहीं। इसके अलावा, धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने वाले मामलों में अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है, लेकिन जमानत थाने से नहीं मिलेगी। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

मानव के परिवार की ओर से दर्ज की गई FIR में आरोप लगे हैं कि निकिता him का मानसिक उत्पीड़न करती थी। मानव के पिता ने कहा है कि निकिता का व्यवहार शादी के बाद ठीक नहीं था, और उसने मानव को सुसाइड करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा कि निकिता के परिवार ने तलाक के मुद्दे पर मानव को जेल भेजने की धमकी दी थी, जिसके बाद मानव डिप्रेशन में चले गए और उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया। इस मामले में पुलिस ने मानव के परिवार के बयान दर्ज किए और निकिता के घर पर भी दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिलीं।

मानव ने सुसाइड से पहले बनाए गए वीडियो में अपने परिवार से माफी मांगी और माना कि उनकी शादी में दरारें आ चुकी थीं। उन्होंने कहा, ‘मैं तो चला जाऊंगा। मर्दों के बारे में कोई तो बात करे।’ इस वीडियो में मानव ने निकिता के कथित संबंधों पर भी परोक्ष रूप से इशारा किया। निकिता के दो वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि मानव ने उन्हें प्रताड़ित किया और उनकी जान जोखिम में डालने की कोशिश की।

पूरे मामले में अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। पुलिस को यह तय करना होगा कि निकिता के खिलाफ साक्ष्य कितने मजबूत हैं और क्या उन्हें वास्तव में गिरफ्तार किया जा सकता है। इससे पहले, यह देखना होगा कि क्या निकिता ने मानव के साथ की गई समझौतों का पालन किया था या नहीं। इस मामले में अदालत के फैसले और जांच की आगे की प्रक्रिया सभी के लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि यह मामला न केवल एक व्यक्ति की आत्महत्या से संबंधित है, बल्कि इसमें मानव के परिवार के भावनात्मक पहलुओं और सामाजिक दबावों का भी ख्याल रखा जाना आवश्यक है। इस घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या किसी व्यक्ति को ऐसी अंतिम कार्रवाई करने के लिए उकसाना हत्या के समान है और क्या परिवारों के बीच संवाद की कमी एक बड़ा कारण बन सकती है।