अपने ही फैसले को धत्ता बता रहा शिक्षा विभाग : डॉ अटल
रांची, 9 मार्च (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय के पूर्व सीनेट सह सिंडिेकेट सदस्य डॉ अटल पांडेय ने उच्च शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने सात दिसंबर 2022 को उच्च शिक्षा निदेशालय के लिए उप निदेशक, उच्च शिक्षा, झारखंड के पद के लिए विज्ञापन जारी किया था जिसमें स्पष्ट था कि उप निदेशक जिनका ग्रेड पे सात हजार हो वही इस पद के लिए उपयुक्त होंगे, लेकिन उच्च शिक्षा निदेशालय ने अपने ही विज्ञापन को धत्ता बताते हुए छह हजार ग्रेड पे वाले प्राध्यापकों की नियुक्ति उप निदेशक, उच्च शिक्षा के पद पर कर ली।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा सचिव और निदेशक ने गोलमाल कर ऐसे अयोग्य लोगों को उच्च शिक्षा विभाग में उप निदेशक के पद पर भर लिया जिसका नुकसान पूरा झारखंड उठा रहा है।
डॉ पांडेय ने रविवार को कहा कि उच्च शिक्षा विभाग की हालत यह है कि पूरे राज्य से सैकड़ों केस उच्च शिक्षा विभाग पर दर्ज हुए हैं। इससे सरकार को केस लड़ने के लिए अतिरिक्त शक्ति लगानी पड़ रही है और राज्य की जनता के राजस्व का नुक़सान हो रहा है।
हाई कोर्ट बार-बार इन लोगों को फटकार लगा रहा है। इसके बावजूद ये लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहें हैं। इस राज्य के हजारों शिक्षक और कर्मचारी उच्च शिक्षा विभाग की कार्यशैली से दुखी और निराश हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे और इस रैकेट के भंडाफोड़ के लिए सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे।
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