पंजाब के फरीदकोट जिले के कोटकपूरा नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां और उसकी बेटी का अंतिम संस्कार एक ही समय में किया गया। यह जानकारी मिली है कि मां का नाम वंदना था, जिसने कुछ समय पहले अपनी 2 साल की बेटी प्रियांशी के साथ अबोहर के गंग नहर में आत्महत्या कर ली थी। उनकी यह दुखद घटना 20 फरवरी को हुई, जब वंदना ने शादी में ससुराल के सदस्यों द्वारा किए जा रहे अत्याचारों से तंग आकर ये कदम उठाया।
वंदना की शादी लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले अबोहर के एक बैंक अधिकारी साजन मुंजाल से हुई थी। लेकिन शादी के बाद से ही उसे ससुराल में मानसिक और शारीरिक दोनों तरह का शोषण सहना पड़ा। उसके परिवार के अनुसार, वंदना ने उन्हें अनेक बार बताया था कि ससुराल वाले धन, संपत्ति और अन्य सामग्रियों की मांग करते थे। वंदना के पिता, हरिकृष्ण बजाज ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी बेटी की खुशियों के लिए कई बार इन मांगों को पूरा करने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद उसकी मानसिकता पर बुरा असर पड़ा।
दुख की बात यह है कि वंदना ने अपनी छोटी बेटी प्रियांशी के साथ नदी में कूदकर आत्महत्या करने का निर्णय लिया। वंदना का शव 2 मार्च को राजस्थान के श्री गंगानगर क्षेत्र से बरामद किया गया, जबकि प्रियांशी का शव इससे पहले 25 फरवरी को ही मिल गया था। इस मामले में अबोहर पुलिस ने वंदना के पिता की शिकायत के आधार पर उसके पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मृतका के परिवार ने पुलिस से आरोपी ससुराल वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हरिकृष्ण बजाज ने कहा कि उनकी बेटी को केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी बड़ा अत्याचार सहना पड़ा था, जिससे उसकी स्थिति गंभीर हो गई। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का सपना चूर-चूर हो गया और उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है।
बुधवार को, वंदना और उसकी बेटी प्रियांशी का अंतिम संस्कार श्रीराम बाग में किया गया। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए दुखद है, बल्कि समाज के लिए भी यह एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि किसी और परिवार को इस तरह के हालात का सामना करने न करना पड़े। यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ हमें एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।