कृषि और ग्रामीण समृद्धि विषय पर आयोजित वेबिनार में किसानों ने भाग लिया

कृषि और ग्रामीण समृद्धि विषय पर आयोजित वेबिनार में किसानों ने भाग लिया

खूंटी, 1 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संशोधित ब्याज सहायता योजना (एमआइएसएस) के तहत कृषि ऋण सीमा को तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है। यह घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई है। केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित पहलुओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए कृषि और ग्रामीण समृद्धि विषय पर शनिवार को वेबिनार का आयोजन किया गया।

इस वेबिनार का उद्घाटन प्रधानमंत्री की ओर से किया गया। वेबिनार में देश भर के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, नाबार्ड, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक और किसान प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। आरसेटी खूंटी से ऑनलाइन माध्यम से वेबिनार में जिला अग्रणी प्रबंधक ऋषिकेश कुमार, निर्देशक आरसेटी मिथलेश कुमार सहित किसानों ने भाग लिया। सभी ने प्रधानमंत्री के अभिभाषण को ध्यानपूर्वक सुना।

उन्होंने बताया कि सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसानों को सस्ते और आसान ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया है। वर्तमान में 7.75 करोड़ किसान केसीसी के लाभार्थी हैं और इस योजना के तहत मिलने वाले अल्पकालिक ऋण पर केवल चार प्रतिशतः की प्रभावी ब्याज दर लागू है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रिज़र्व बैंक ने बिना जमानत के मिलने वाले केसीसी ऋण की सीमा 1.6 लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी है। यह किसानों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय दबाव के अपनी कृषि आवश्यकताओं के लिए ऋण प्राप्त करने में मदद करेगा। एमआइएसएस योजना के तहत वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी कह गई है।

इसके तहत सरकार ने किसानों को अब तक 1.44 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य 2023-24 में 9.81 लाख करोड़ के कृषि अल्पकालिक ऋण को 2029-30 तक 20 लाख करोड़ तक बढ़ाना है। इसके साथ ही किसानों को फसल उत्पादन, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए कार्यशील पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।

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