पापोन के गीतों पर जयपुर के युवा झूमे: ‘मोह मोह के धागे’ पर दमदार परफॉर्मेंस!

गुलाबी नगर, यानी जयपुर, की शाम एक अद्भुत संगीत समारोह में रंगीनी हो गई, जब प्रसिद्ध गायक पापोन ने अपने पहले लाइव कॉन्सर्ट का आयोजन किया। स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसकेआईटी) में शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम ने यहां के युवाओं के बीच एक खास उत्साह का संचार किया। जैसे ही पापोन ने शाम 7 बजे मंच पर कदम रखा, उनकी मधुर धुनों ने उपस्थित दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। यह कॉन्सर्ट लगभग ढाई घंटे तक चला, जिसमें उन्होंने अपने लोकप्रिय गानों की मेज़बानी की।

पापोन के गाए हुए गानों में ‘ये मोह मोह के धागे…’, ‘हमनवां…’, ‘तू बात करे या ना मुझसे…’, और ‘क्यों ना हम तुम चले टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर…’ जैसे हिट गीत शामिल थे। उनकी आवाज़ और गायिकी ने समाँ बांध दिया। इस दौरान, उन्होंने जयपुर के प्रसिद्ध खाने की चीज़ों, जैसे कचौड़ी और राजमोहन मिठाई, के संदर्भ में अपने फैंस के साथ मजेदार चर्चा की। पापोन ने कहा कि इन खाने की विशेषताओं की तरह, वह अपने फैंस के साथ संगीत की विशेषता का आनंद ले रहे हैं।

इस कार्यक्रम का एक खास पहलू यह भी रहा कि पापोन ने अपने नए गिटार को भी जयपुर से लॉन्च किया। उन्होंने बताया कि यह गिटार अब हमेशा उनकी इस यादगार शाम का स्मरण दिलाएगा। इस लॉन्च का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह गिटार उनके लिए एक विशेष意义 रखता है और इसे उन्होंने केवल संगीत के माध्यम से पियाने की खुशी को और बढ़ाने के लिए बनाया है।

पापोन ने इस लाइव परफॉर्मेंस के दौरान न केवल गाने गाए, बल्कि अपने फैंस को प्राणायाम का अभ्यास भी करवाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह साधना और चिकित्सा का भी माध्यम है, जो सकारात्मक वाइब्रेशन उत्पन्न करता है। जयपुर के युवाओं के उत्साह को उन्होंने यहां के घी की मिठास से भी जोड़ते हुए माहौल में एक नई ऊर्जा और हंसी का संचार किया।

इस तरह, पापोन का यह कॉन्सर्ट न केवल संगीत प्रेमियों के लिए यादगार रहा, बल्कि यह एक ऐसा अवसर भी रहा जब सबने मिलकर संगीत और सांस्कृतिक धरोहर का जश्न मनाया। इस कार्यक्रम ने जयपुर की सांस्कृतिक विविधता को और अधिक उजागर किया और यहां के युवाओं को एकजुट किया। विदित रहे कि ऐसे कॉन्सर्ट्स से न केवल कला का प्रचार होता है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को एक नई दिशा देने का माध्यम भी बनते हैं।