टीवी की मशहूर एक्ट्रेस और गोविंदा की भांजी, रागिनी खन्ना, ने हाल ही में ‘द कपिल शर्मा शो’ में अपने अनुभवों के बारे में खुलकर बात की। उनका कहना है कि इस शो में काम करने का उनका अनुभव संतोषजनक नहीं रहा। रागिनी ने बताया कि उन्हें हमेशा एक ही तरह के किरदार निभाने के लिए कहा जाता था, जो उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। उनका मानना है कि जिस तरह के किरदार उन पर थोपे गए थे, वह उनका असली टैलेंट नहीं दर्शाता था।
रागिनी ने हिंदी रश से बातचीत के दौरान बताया कि ‘द कपिल शर्मा शो’ के निर्माताओं ने उन्हें एक भागीदार के तौर पर आमंत्रित किया था। हालाँकि, उनकी डेट्स की कमी के कारण, उन्होंने केवल एक-दो एपिसोड्स में भाग लिया। रागिनी ने यह भी कहा कि कपिल शर्मा शो के साथ उनके अनुभव को वह खास नहीं मानतीं। उन्हें उस शो में काम करते समय कभी-कभी असहजता का अनुभव होता था।
एक्ट्रेस ने स्पष्ट किया कि उन्हें स्टैंडअप कॉमेडी में भाग लेना पसंद नहीं था, जबकि उन्हें इसे देखना बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने इस बात को साझा किया कि उन्हें हमेशा कहा जाता था कि उन्हें केवल ‘हॉट गर्ल’ बनने के लिए प्रदर्शन करना है, जिसे लेकर वह असमंजस में थीं। रागिनी ने मजाक में बताया कि उनकी एक दोस्त जो प्रोडक्शन टीम में थी, हमेशा उन्हें कहती थी कि उन्हें ‘हॉट गर्ल’ की परफॉर्मेंस देनी चाहिए।
इस कड़ी में, रागिनी ने फेमिनिज्म पर भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि आज भी महिलाओं को ‘हॉट गर्ल’ के तौर पर देखा जाता है, जो एक समकालीन मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह रोज़ाना ‘हॉट गर्ल’ की छवि को अपने ऊपर नहीं रखना चाहतीं। उनका मानना है कि यह एक ऐसी छवि है, जिसे समाज ने स्वीकृत किया है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उन्हें इससे असहजता महसूस होती है।
रागिनी खन्ना एक समय में टेलीविजन इंडस्ट्री की एक प्रमुख अदाकारा मानी जाती थीं और उनकी पहचान ‘ससुराल गेंदा फूल’ जैसे शो के जरिए बनी थी। उनके इस अनुभव से यह संदेश मिलता है कि मनोरंजन इंडस्ट्री में हमेशा एक जैसी छवियों को आगे बढ़ाना और महिलाओं की भूमिकाओं का सीमित होना एक गंभीर समस्या है। रागिनी जैसे सितारे इस मुद्दे पर खुलापन से चर्चा करके समाज में बदलाव लाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा रहे हैं।