ईसाई धर्म के पादरी बजिंदर सिंह को आज एक गंभीर यौन अपराध के मामले में सजा सुनाई जाएगी। उन्हें तीन दिन पहले मोहाली कोर्ट द्वारा दोषी करार दिया गया और फिर उन्हें पटियाला जेल भेजा गया। बजिंदर पर आरोप है कि उसने एक युवती को विदेश में बसने का लालच देकर अपने घर बुलाया, जहां उसने उसके साथ बलात्कार किया और घटना का वीडियो बना लिया। उसने पीड़िता को धमकी भी दी थी कि यदि उसने इसकी शिकायत की, तो वह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। यह सजा सुनाए जाने का समय ऐसा है, जब बजिंदर सिंह एक और यौन उत्पीड़न की घटना और एक महिला पर हमले के मामले में भी फंसे हुए हैं।
इस मामले में पीड़िता के पति ने आरोप लगाया है कि बजिंदर सिंह ने उन्हें दबाने के लिए हर संभव प्रयास किए। उनका कहना है कि पादरी ने उनके खिलाफ क्रॉस केस दर्ज कराए और झूठे आरोप भी लगाए। यहां तक कि उन्हें जेल में भी रहना पड़ा। इसके बावजूद, उन्होंने बजिंदर के सामने झुकने से इंकार कर दिया। जब अन्य तरीकों से मामला हल नहीं हुआ, तो बजिंदर के एक सीनियर अधिकारी ने 5 करोड़ रुपए का ऑफर देकर मामले को दबाने का प्रयास किया, जिसे पीड़ित ने ठुकरा दिया। अब वे हायर कोर्ट में अपील करने की योजना बना रहे हैं, ताकि न्याय मिल सके।
बजिंदर सिंह पर एक और मामले में एक महिला के साथ मारपीट करने का आरोप भी है, जिसके संदर्भ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में बजिंदर सिंह एक महिला को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं, जबकि उसने पहले महिला पर एक कॉपी भी फेंकी थी। यह घटना बजिंदर के चंडीगढ़ स्थित ऑफिस में हुई, और इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला के बयान दर्ज किए। इस मामले में पादरी बजिंदर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, जिसमें महिला की गरिमा को नुकसान पहुँचाने का प्रयास भी शामिल है।
इसी तरह, कपूरथला में एक अन्य महिला द्वारा पादरी बजिंदर सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। महिला ने शिकायत में कहा कि बजिंदर ने उसके साथ अनुचित हरकतें कीं और उसे अकेले कमरे में बुलाने की कोशिश की। इसके साथ ही उसने धमकी भी दी कि अगर महिला ने इस बारे में किसी को बताया, तो उसके परिवार को नुकसान पहुँचाने की धमकी दी। इस मामले में भी पुलिस ने बजिंदर के खिलाफ संबंधित धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज की है और विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
बजिंदर सिंह ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है, लेकिन ऐसे गंभीर मामलों में उनकी स्थिति और अधिक जटिल होती जा रही है। इन घटनाओं ने समाज में चर्चा का नया विषय पैदा किया है, जहां यौन उत्पीड़न और बलात्कार के मामलों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इस मामले की सुनवाई की प्रतीक्षा है और देखा जाएगा कि न्यायालय बजिंदर सिंह को किस प्रकार की सजा सुनाता है।