प्रदेश से बाहर के दिव्यांग प्रमाण पत्र वाले अभ्यर्थियों को चार सप्ताह में नियुक्ति देने के आदेश

प्रदेश से बाहर के दिव्यांग प्रमाण पत्र वाले अभ्यर्थियों को चार सप्ताह में नियुक्ति देने के आदेश

जयपुर, 1 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में प्रदेश से बाहर का दिव्यांग प्रमाण पत्र रखने वाले अभ्यर्थियों को चार सप्ताह में नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश राहुल कुमार सहित करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे थे। याचिकाकर्ताओं ने सामान्य दिव्यांग वर्ग में आवेदन किया था। वहीं उनका यह कहते हुए चयन नहीं किया गया कि उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रदेश से बाहर का है। इसके चुनौती देते हुए कहा गया कि दिव्यांगजन अधिनियम केंद्रीय कानून है और संपूर्ण भारत में समान रूप से लागू है। इसके अलावा याचिकाकर्ताओं ने एससी, एसटी या ओबीसी के पद के लिए आवेदन नहीं किया है। उन्होंने सामान्य दिव्यांग वर्ग में आवेदन किया है। वहीं नियुक्ति देते समय भी उनका मेडिकल होगा। ऐसे में यदि वह दिव्यांग साबित नहीं होते हैं तो उनका चयन निरस्त हो जाएगा। इसलिए उन्हें नियुक्ति दी जानी चाहिए। जिसका विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि भर्ती विज्ञापन में शर्त रखी गई थी कि दिव्यांग वर्ग में आवेदन करने के लिए प्रदेश के सक्षम अधिकारी का ही दिव्यांग प्रमाण पत्र को मान्यता दी जाएगी। याचिकाकर्ताओं के पास प्रदेश से बाहर का दिव्यांग प्रमाण पत्र है। ऐसे में उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चार सप्ताह में याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति देने के लिए कहा है।

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