राजस्थान में आज से गर्मी का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में हीटवेव चलने की संभावना है। दो जिलों में आज हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है, जो 8 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है। इस दिन तक 23 जिलों में हीटवेव की आशंका जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी और भी बढ़ने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान-राजस्थान सीमा पर बन रहे एंटी साइक्लोन के प्रभाव से पश्चिमी हवाएं तेज होंगी, जिससे गर्मी में अचानक बढ़ोतरी होगी। हाल ही में, कल भी राज्य के कई स्थानों पर तेज गर्मी का अनुभव किया गया। बाड़मेर जिला सबसे अधिक गर्म रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा जालोर, जोधपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा और वनस्थली (टोंक) क्षेत्रों में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।
राजधानी जयपुर में भी गर्मी का असर देखने को मिला। यहाँ पर अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य तापमान से 3 डिग्री अधिक है। सुबह 10 बजे के बाद से तेज धूप ने जनजीवन को प्रभावित किया, और शाम को थोड़ी ठंडक मिली जिससे लोगों को राहत मिली। चूरू और धौलपुर में भी तापमान ने इसी स्तर को छुआ और वहाँ 38.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने येलो अलर्ट जारी करते हुए बताया कि बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में आज हीटवेव की संभावना है। इसके बाद, 6 अप्रैल को राज्य के 8 जिलों में, 7 अप्रैल को 19 जिलों में और 8 अप्रैल को 23 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, खासकर जब गर्मीयों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
आवश्यक है कि नागरिक गरमी से बचाव के उपाय करें, जैसे कि अधिकतर समय घर के अंदर बिताना, तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना और धूप में जाने से बचना। स्वास्थ्य विभाग ने भी सलाह दी है कि लोग गर्मी के मौसम में अपनी सेहत का खास ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें। राजस्थान में गर्मी की इस धारा से लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।