फतेहाबाद : बिजली की दरों में बढ़ोतरी की किसान सभा ने की निंदा,बताया जनता पर नया बोझ

फतेहाबाद : बिजली की दरों में बढ़ोतरी की किसान सभा ने की निंदा,बताया जनता पर नया बोझ

फतेहाबाद, 3 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा बिजली की दरों में की गई बढ़ोतरी की अखिल भारतीय किसान सभा ने कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए इसे मेहनतकश जनता पर नया बोझ करार दिया है। किसान सभा ने प्रदेश सरकार से अपने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। किसान सभा फतेहाबाद की गुरुवार को हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान विष्णु दत्त ने कहा कि बिजली की दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी के साथ ही प्रति किलोवाट के हिसाब से 50 रूपये फिक्स चार्ज भी लगाया गया है। सरकार ने न तो इसका कोई कारण बताया है और ना ही इसका कोई औचित्य बनता है। नगरपालिका, पंचायत और फ्यूल सरचार्ज इसके अतिरिक्त बिजली बिल का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि वास्तविक बिल सरकार द्वारा बताई जा रही दरों से कहीं अधिक ही होंगे। प्रदेश सरकार बिजली निगमों के घाटे को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया जा रहा है जबकि असलियत में सरकार की बिजली नीति इसके लिए जिम्मेदार है। हरियाणा की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के बजाय भाजपा सरकार अडाणी और अन्य उत्पादकों से महंगी दरों पर बिजली खरीद कर जनता की कीमत पर निजी कम्पनियों को मालों माल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्री पेड स्मार्ट मीटर वालों को 5 प्रतिशत छूट की घोषणा भी जनता को भ्रमित करने का ही कदम है। सरकार के इस जन विरोधी कदम को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार बिजली की बढ़ाई गई दरें तुरंत वापस लें और अपने वायदे के अनुसार सभी परिवारों को 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाए। इस बढ़ोतरी के विरोध में किसान सभा आम लोगों को साथ लेकर सडक़ों पर भी उतरेगी। इस अवसर पर जगतार सिंह, रामस्वरूप ढाणी गोपाल, राजेन्द्र प्रसाद बाटू, अमर सिंह तलवाड़ा, मुन्शीराम, पतराम, जोगेंद्र सिंह आदि भी मौजूद रहे।