एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने प्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मश्री अद्वैत चरण गडनायक से मुलाकात की
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (हि.स.)। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बुधवार को पालिका केंद्र में पालिका परिषद अध्यक्ष केशव चंद्रा के साथ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विशिष्ट मूर्तिकार अद्वैत चरण गडनायक से भेंट की। उन्होंने उन्हें राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त पद्मश्री सम्मान एवं कला क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि गडनायक की कृतियों ने भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया है। उन्होंने विशेष रूप से “राष्ट्रीय पुलिस स्मारक”, “दांडी यात्रा” स्मारक और “नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा” जैसे भव्य स्मारकों की रचना की है। उनके द्वारा बनाया गया मोनोलिथिक ग्रेनाइट से निर्मित 30 फीट ऊँचा ‘राष्ट्रीय पुलिस स्मारक’ 21 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था।
चहल ने बताया कि परिषद द्वारा “अर्बन आर्ट्स एंड कल्चर फोरम” का गठन किया जा चुका है। यह मंच दृश्य एवं प्रदर्शनकारी कलाओं को सशक्त करने, नवोदित कलाकारों को मंच देने और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक सक्रिय सलाहकारी निकाय के रूप में कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” जैसे विजन को मूर्त रूप देने की दिशा में एक सशक्त कदम है। ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एनडीएमसी क्षेत्र को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और कलात्मक रूप से जीवंत बनाना परिषद की प्राथमिकताओं में है।
चहल ने बताया कि एनडीएमसी क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों को भारतीय कला-संस्कृति से जोड़ने के लिए नियमित रूप से कार्यशालाएं, चित्रकला एवं शिल्प प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर स्ट्रीट आर्ट और म्यूरल्स के माध्यम से सांस्कृतिक संदेश प्रसारित किए जाएंगे। उभरते कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने हेतु वार्षिक कला उत्सव, प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि हर्षवर्धन शर्मा एनडीएमसी के नवनियुक्त कला एवं संस्कृति सलाहकार, विख्यात चित्रकार, लेखक एवं हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्विविद्यालय के पूर्व डीन रह चुके हैं। उनका सृजनात्मक दृष्टिकोण और रंगों के प्रति प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण भारतीय कला-जगत में अत्यंत सराहनीय रहा है। अंकित शर्मा जो पूर्व में ललित कला अकादमी, संस्कृति मंत्रालय में प्रदर्शनी सलाहकार के रूप में कार्यरत थे, अब एनडीएमसी में युवा कला इतिहासकार के रूप में अपनी विशेषज्ञता प्रदान कर रहे हैं।
चहल ने कहा कि कला और संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं बल्कि वर्तमान की चेतना और भविष्य की दिशा भी हैं। इनसे समाज में समरसता, रचनात्मकता और सहभागिता को बल मिलता है। एनडीएमसी का प्रयास रहेगा कि राजधानी को सांस्कृतिक और कलात्मक रूप से समृद्ध बनाया जाए।
इस अवसर पर प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण पंडित, एनडीएमसी के कला एवं संस्कृति सलाहकार हर्षवर्धन शर्मा तथा युवा सलाहकार अंकित शर्मा भी उपस्थित रहे।
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