जम्मू-कश्मीर में कानपुर के व्यापारी की बेरहमी से हत्या, शादी के दो महीने बाद मौत!

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बर्बर आतंकी हमले में कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी (31 वर्ष) की हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, शुभम की हाल ही में शादी हुई थी और वह अपनी पत्नी व परिवार के अन्य 11 सदस्यों के साथ कश्मीर यात्रा पर गए थे। उनकी पत्नी ने परिवार को फोन कर बताया कि आतंकियों ने शुभम से नाम पूछने के बाद उसे सिर में गोली मार दी। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें शुभम की लाश दिख रही है, जिसे उसके चचेरे भाई सौरभ द्विवेदी ने पहचाना। उन्होंने आगे बताया कि शुभम और उनकी पत्नी एशान्या घुड़सवारी का आनंद ले रहे थे, जबकि बाकी परिवार के सदस्य नीचे थे। अचानक आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें शुभम की जान चली गई।

मंगलवार की दोपहर लगभग 2.15 बजे, आतंकी सेना की वर्दी में आए और ताबड़तोड़ गोलीबारी करने लगे, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। बताया जा रहा है कि एक आतंकी ने शुभम से नाम पूछा और गोली मार दी। शुभम मैदान पर गिर पड़े और उनकी पत्नी बेहोश हो गईं। पुलिस और सेना ने घटना के तुरंत बाद उन्हें कश्मीर के अस्पताल में भर्ती किया। शुभम के पिता संजय द्विवेदी को जैसे ही इस हमले की सूचना मिली, वह बेटे और बहू को खोजने निकले। शन के चार घंटे बाद पुलिस ने शुभम की पहचान की, और जब परिवार के सदस्यों को इस घटना की जानकारी मिली, तो पूरे परिवार में शोक का माहौल छा गया।

शुभम की शादी 12 फरवरी, 2023 को यशोदा नगर की एशान्या से हुई थी। वह 17 अप्रैल को कश्मीर घूमने गए थे और 23 अप्रैल को लौटने का कार्यक्रम था। परिवार ने बताया कि शुभम की मां, पिता, बहन, बहनोई और ससुर भी उनके साथ थे। चचेरे भाई सौरभ ने बताया कि पारिवारिक सदस्यों ने एक वीडियो भेजा जिसमें शुभम को गोली लगी हुई दिखाया गया था। यह दृश्य दिल को दहला देने वाला था, जिसमें एक महिला चिल्लाते हुए कह रही थी कि उनके पति को बचाया जाए। परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है, जिसमें शुभम के चाचा और अन्य सदस्य स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं।

इस घटना के बाद, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से तत्काल संपर्क किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया कि इस कायरता भरे हमले का जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले की निंदा की और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अपनी मुहिम को और मजबूत बनाने का आश्वासन दिया।

अधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस आतंकी हमले में कुल 26 लोगों की जान गई है, जिसमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले के पश्चात सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और फिर से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने आपातकालीन हेल्प डेस्क नंबर जारी किए हैं ताकि किसी भी पर्यटक को सहायता की जरूरत हो तो तुरंत संपर्क किया जा सके।