पंजाब के मोहाली से संबंधित रिया कौर सेठी ने UPSC की प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता हासिल की है। उन्होंने इस परीक्षा में 89वीं रैंक प्राप्त की, जो उनके कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। रिया का मानना है कि उनके पिता उनके इस सफर के प्रेरणा स्रोत रहे हैं, जो हमेशा से उन्हें समाज सेवा की ओर अग्रसरित करते रहे। आठ साल पहले उनके पिता का निधन हो गया, लेकिन उनके संस्कार और सपनों ने रिया को आगे बढ़ने की ताकत दी। उनके इस मिशन में उनकी मां और भाई ने भी उनका भरपूर सहयोग दिया, जो उनके लिए प्रेरणास्त्रोत बने रहे।
रिया की UPSC की तैयारी एक ठोस योजना के साथ शुरू हुई। उन्होंने 2022 में पहली बार परीक्षा दी और तब से लेकर अब तक चार बार परीक्षा में शामिल हुईं। उन्होंने दो बार इंटरव्यू तक अपनी जगह बनाई, जो इस बात का संकेत है कि वह इस चुनौती को गंभीरता से ले रही थीं। उन्हें अपनी तैयारी में सेल्फ स्टडी के साथ-साथ कुछ ऑनलाइन कोचिंग भी ली। रिया ने हर दिन 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करने का दृढ़ निश्चय किया, जिससे उन्होंने अपनी तैयारी को मजबूत बनाया।
रिया ने अपनी तैयारी के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था, जिसने उनके फोकस को बढ़ाने में मदद की। उन्होंने मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाते हुए अपने अध्ययन पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित किया। यह एक सकारात्मक कदम साबित हुआ और इससे उन्हें अपनी पढ़ाई में अनुशासन रखने में मदद मिली। उन्होंने इस बीच एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग करते हुए अपनी अध्ययन विधियों को और प्रभावी बनाया। तकनीक के सही उपयोग ने उन्हें अपनी तैयारी को मजबूती प्रदान की, जिससे वह प्रतिस्पर्धी वातावरण में सिर उठाकर चल सकीं।
रिया का शैक्षणिक सफर भी प्रेरणा देने वाला है। उनका जन्म मोहाली में हुआ, और यहीं पर उन्होंने अपने बचपन के दिन बिताए। अपनी प्राथमिक शिक्षा उन्होंने चंडीगढ़ के सेंट कबीर स्कूल से प्राप्त की, उसके बाद की उच्च शिक्षा भवन विद्यालय चंडीगढ़ से पूरी की। रिया ने आगे अपनी स्नातक की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री भी हासिल की। यह उनकी मेहनत और दृष्टि को दर्शाता है कि उन्होंने उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी विशेषज्ञता को भी विकसित किया।
रिया कौर सेठी की सफलता की कहानी हमें यह सिखाती है कि कठिनाइयों को पार करने के लिए दृढ़ निश्चय, सही मार्गदर्शन और संकल्प की आवश्यकता होती है। उनके पिता के सपनों को साकार करने की उनकी यात्रा न केवल प्रेरणादायक है बल्कि यह भी दर्शाती है कि परिवार का सहयोग और व्यक्तिगत समर्पण सफलता की कुंजी है। रिया जैसे युवा जोश में भरे व्यक्ति समाज के लिए एक प्रेरणा बन जाते हैं और यह दर्शाते हैं कि अगर मन में ठान लिया जाए, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।