राजस्थान में फर्जी सर्टिफिकेट से फायरमैन बने 51 गिरफ्तार, 450 अब भी निशाने पर!

राजस्थान में फायरमैन भर्ती-2021 में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 50 से अधिक लोगों को फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए नौकरी मिल गई। भर्ती में नियमों के अनुसार 165 सेंटीमीटर की ऊंचाई आवश्यक है, जबकि कई कैंडिडेट्स में 161 सेंटीमीटर की ऊंचाई वाले अभ्यर्थी भी शामिल हैं। इस भर्ती में अनियमितताओं का असर बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण कर्मचारी चयन बोर्ड ने 450 कैंडिडेट्स की फिर से जांच शुरू कर दी है। विशेष रूप से एक्स आर्मी और स्पोर्ट्स कोटे से चयनित 150 अभ्यर्थियों पर भी संदेह जताया जा रहा है। यह जाँच एसओजी द्वारा की जा रही है, जिसने पहले ही 120 अभ्यर्थियों की जॉइनिंग रद्द कर दी है, जबकि 30 अभ्यर्थियों ने जांच के डर से जॉइन नहीं किया।

भर्ती के दौरान कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जैसे कि 600 पदों में से 120 अभ्यर्थियों के डॉक्युमेंट्स में गड़बड़ी पाई गई। एसओजी को मिली शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसमें एक अभ्यर्थी का फायरमैन डिप्लोमा संदिग्ध पाया गया, जिसे उसने बिना नागपुर के गए ही प्राप्त किया, जबकि उसकी ऊंचाई भी नियमों के अनुरूप नहीं थी। प्रशासन ने इस मामले की गहराई से जांच करने का निर्णय लिया है।

दूसरे मामले में, एक फायर ऑफिसर पर आरोप लगाया गया है कि उसने अपनी बेटी को भर्ती में मदद की। इस मामले की भी गहन जांच चल रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि कई कैंडिडेट्स ने फर्जी डिप्लोमा और प्रमाण पत्रों के माध्यम से फायरमैन की जॉइनिंग प्राप्त की है, जिसका खुलासा कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने किया। उन्होंने बताया कि 74 पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित थे, लेकिन दस्तावेजों की जांच में 150 अभ्यर्थी संदिग्ध पाए गए, जिनके पास वास्तविक प्रमाणपत्र नहीं थे।

साथ ही, कई अभ्यर्थी ऐसे भी पाए गए हैं जिन्होंने नौकरी के आवेदन में जरूरी जानकारी नहीं दी थी, फिर भी उन्हें चयनित कर लिया गया। कुछ कामयाब अभ्यर्थियों ने बिना किसी स्वीकृति के डिप्लोमा प्राप्त किया, जिससे स्पष्ट होता है कि भर्ती में गड़बड़ी का मामला काफी गंभीर है। चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए डीएलबी की टीम फिर से चयनित अभ्यर्थियों की डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रही है।

कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि यदि जांच में अनियमितताएँ पाई जाती हैं, तो ऐसे अभ्यर्थियों को बाहर किया जाएगा। इस प्रकार, फायरमैन भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की गहरी जांच चल रही है और इससे जुड़े सभी मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाएँ न केवल भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि उन सभी युवा छात्रों के भविष्य पर भी सवाल खड़ा करती हैं जो ईमानदारी से अपनी योग्यता के अनुसार अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।