**बेरोजगारों के लिए बेतुकी नौकरी के लालच में फंसने की खबरें**
हाल के दिनों में एक नया ठगी का तरीका सामने आया है, जिसमें बेरोजगारों को बिना किसी परीक्षा के रेलवे, पुलिस और मर्चेंट नेवी में नौकरी देने का झांसा दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया में ठगों ने एक गैंग के माध्यम से सीकर के पांच युवाओं को लगभग 90 लाख रुपये का चूना लगाया है। इस ठगी को उजागर करने के लिए भास्कर की एक टीम ने पिछले एक महीने में गहरी जांच-पड़ताल की। जांचकर्ताओं ने खुद को बेरोजगार समझकर ठगी के शिकार बन कर ठगों से संपर्क किया।
जांच में सामने आया कि ठगों ने खुद को पुलिस अधीकारी और मर्चेंट नेवी के अधिकारी बताते हुए रिपोर्टर का इंटरव्यू लिया। उन्होंने डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन का ढोंग किया और फिर ऑनलाइन मेडिकल के नाम पर बेहद असामान्य मांग की। रिपोर्टर ने जब ठगों को बताया कि वह दिव्यांग हैं, तब भी ठगों ने उन्हें नौकरी की गारंटी दी और पैसे की मांग की। जब रिपोर्टर ने पैसे देने से मना किया, तो उन्हें केस करने की धमकी दी गई।
पुलिस ने बताया कि ठगों के गुप्त तरीके से लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। भास्कर रिपोर्टर ने 84 विभिन्न मोबाइल नंबरों पर कॉल किए और सोशल मीडिया पर इस प्रकार के विज्ञापनों की गहन पड़ताल की। रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ कि पुलिस में कांस्टेबल, रेलवे में टीटीई और वन विभाग में जॉब दिलाने के बहाने से ठगी कर रहे ठग सक्रिय हैं। संदिग्ध विज्ञापनों में दिए गए नंबरों पर कॉल करते हुए रिपोर्टर ने खुद को अभिषेक नामक व्यक्ति बताकर संपर्क किया, जहां फर्जी एसपी ने उसे सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया।
रिपोर्ट में इस घटनाक्रम के विभिन्न चरणों का उल्लेख किया गया है, जैसे कि एक व्यक्ति ने बताया कि उन्हें जॉइनिंग फीस के तौर पर पैसे ऑनलाइन जमा करने का आदेश मिला। जब रिपोर्टर ने पैसे जमा करने से मना किया, तब ठग ने उसका डॉक्युमेंट ब्लॉक करने और शिकायत करने की धमकी दी। इस तरह के धोखाधड़ी के कई और मामले भी रिपोर्ट में बताए गए हैं, जिसमें मर्चेंट नेवी और वन विभाग सहित अन्य विभागों का जिक्र किया गया है।
यह पूरी घटना चेतावनी का संकेत है कि बेरोजगारों को बिना किसी प्रक्रिया के नौकरी का झांसा देकर ठगा जा सकता है। इस प्रकार के विज्ञापनों से दूरी बनाना और सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय है। लोगों को चाहिए कि वे जब भी ऐसी नौकरी के प्रस्तावों से संपर्क करें, तो हर जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें। तेजी से बढ़ती इस ठगी की प्रवृत्ति को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है और कानून को भी इस दिशा में कठोर कदम उठाने की जरूरत है।