यमुनानगर: वक्फ संशोधन बिल पास होने से जठलाना के सिख समाज में खुशी की लहर
— विभाजन के समय से है गुरुद्वारे की यह जमीन: मनिंदर सिंह
यमुनानगर, 3 अप्रैल (हि.स.)। देश विभाजन के समय मिली गुरुद्वारे की जमीन पर वक्फ बोर्ड के कब्जे के विवाद को लेकर 1947 से कोर्ट की लड़ाई लड़ रहें सिख समाज में लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल के पास होते ही खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सभी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया और जल्द गुरुद्वारे की मरम्मत शुरू होने की आस जताई।
गुरुवार को कस्बा जठलाना के गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनिंदर सिंह ने बताया कि बुधवार को लोकसभा में अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री किरन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के समय जठलाने के गुरुद्वारे की जानकारी दी थी। लोकसभा में बिल के पास होने पर आज सारे समाज में खुशी की लहर है।
उन्होंने बताया कि 1947 में देश विभाजन के समय यहां पर सिख और पंजाबी समाज के लोगों को जमीनें एलाट की गई थीं। मस्तान चंद के परिवार को यह जमीन एलाट की थी और उसने आठ कनाल जमीन गुरुद्वारे के नाम दान कर दी थी।
उस समय से यह जमीन गुरुद्वारे की है। वक्फ बोर्ड के बनने के बाद 1962 में उन्होंने इस जमीन पर अपना दावा कर दिया। इस विवाद में दोनों पक्ष कोर्ट में चले गए। जहां आज भी जगाधरी सहित अन्य कोर्ट में यह मामला लंबित पड़ा है। जबकि इससे पहले कुरुक्षेत्र के ट्रिब्यूनल कोर्ट में हमारे पक्ष में फैसला आ चुका है। उन्होंने कहा कि अब हमें उम्मीद जागी है कि जल्द ही गुरुद्वारे के नवनिर्माण का कार्य शुरू हो सकेगा। आज गुरुद्वारे के प्रांगण में पीने के पानी के लिए नल आदि का इंतजाम किया जा रहा है।