कर्नल सोफिया की जुड़वां बहन शाइना की धूम: ब्यूटी टाइटल्स से लेकर पर्यावरण तक!

कर्नल सोफिया कुरैशी इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं, खासकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद। 7 मई को उन्होंने विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मिलकर इस ऑपरेशन से संबंधित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। उनके इस कार्य ने न केवल उन्हें बल्कि उनके परिवार को भी गर्वित किया है। कर्नल सोफिया की जुड़वां बहन, डॉ. शाइना सुन्सारा, भी इसी चर्चा में हैं। शाइना सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं और उनके पास अधिक संख्या में फॉलोअर्स हैं।

कर्नल सोफिया और डॉ. शाइना दोनों का जन्म एक प्रतिष्ठित आर्मी परिवार में हुआ है। उनके पिता ने 1971 के बांग्लादेश युद्ध में हिस्सा लिया था, और उनके दादा एवं परदादा भी सेना में रहे हैं। उनके चाचा सीमा सुरक्षा बल (BSF) में सेवा कर चुके हैं। दादी अपने पूर्वजों की वीरताभरे किस्से सुनाया करती थीं, जिन्होंने 1857 की क्रांति में रानी झांसी के साथ भाग लिया था। इस परिवारिक पृष्ठभूमि ने सोफिया को भारतीय सेना में कर्नल के पद तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया, जबकि शाइना ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।

शाइना एक बहुआयामी व्यक्तित्व की मालकिन हैं। वे एक प्रमाणित अर्थशास्त्री, पर्यावरणविद, फैशन डिजाइनर और पूर्व सेना कैडेट के रूप में जानी जाती हैं। इसके अलावा, शाइना ने राइफल शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता है, जो भारत के राष्ट्रपति द्वारा उन्हें प्रदान किया गया। उन्होंने कई ब्यूटी पेजेंट्स में भी भाग लिया है, जिसमें मिस गुजरात और मिस इंडिया अर्थ 2017 तथा मिस यूनाइटेड नेशंस 2018 के खिताब जीते हैं। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर उनके 28,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, और वे अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं। शाइना ने अपने राज्य गुजरात में 100,000 पेड़ लगाने की भी योजना बनाई, जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई।

हाल ही में रेडियो सिटी के साथ एक इंटरव्यू में शाइना ने साझा किया कि उनका बचपन से फैशन डिजाइन के प्रति खासा झुकाव रहा है। स्कूली दिनों में उन्होंने अपनी मां की साड़ी काटकर एक ड्रेस तैयार की थी, जो उनके क्रिएटिविटी का प्रतीक है। शाइना अपनी बहन कर्नल सोफिया कुरैशी पर गर्व महसूस करती हैं और उनका मानना है कि सोफिया का कार्य केवल परिवार के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए भी गौरव का विषय है। जब उन्होंने अपनी बहन को ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए देखा, तो उन्हें ऐसा लगा जैसे रानी झांसी की साहसिकता का भाव पुनः जिंदा हो गया हो।

इस प्रकार, कर्नल सोफिया और डॉ. शाइना दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। जबकि सोफिया ने अपने देश के लिए साहस और बलिदान का परिचय दिया है, वहीं शाइना ने विभिन्न आकर्षक क्षेत्रों में आत्म-प्रकाशन किया है। दोनों बहनों ने अपने परिवार के विरासत को आगे बढ़ाते हुए अपनी पहचान बनाई है।