मां की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए परिजनाें ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज काे साैंपा

मां की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए परिजनाें ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज काे साैंपा

काेंड़ागांव, 15 मई (हि.स.)। जिले के भीरागांव निवासी एक शिक्षक के पुत्र ने अपनी मां की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को दान कर दिया। मृतका मनक बाई नेताम उम्र 65 वर्ष ने जीवनकाल में अपने पुत्र से कहा था, कि उनके निधन के बाद उनके शरीर को मेडिकल छात्रों की पढ़ाई के लिए दान कर दिया जाए।

मनक बाई के पुत्र त्रिनाथ ने बताया कि उनकी मां ने कभी स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की थी, लेकिन वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहती थी। उनके पति सोमारू राम एक शिक्षक थे, जिनका निधन 2003 में हो गया था। पति के निधन के बाद मनक बाई ने अकेले ही अपने छह बच्चों (तीन बेटियां और तीन बेटों) का पालन-पोषण किया, उनकाे शिक्षा दी और उनका विवाह करवाया। त्रिनाथ ने बताया कि उनके पिता की नौकरी उनके मझले भाई को मिली थी।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनके निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए, ताकि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई में इसका उपयोग हो सके, 65 वर्ष की आयु में मनक बाई ने अपने घर में अंतिम सांस ली। उनके बेटों ने मां की इच्छा का सम्मान करते हुए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के डॉक्टरों से संपर्क किया। आज गुरुवार सुबह परिजनों ने मनक बाई के पार्थिव शरीर को मेकाॅज के डीन डॉ. प्रदीप बेक और एनाटॉमी विभाग की एचओडी डॉ. गीतिका नेलकुमार को सौंप दिया।

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