भारतीय सेना ने हाल ही में पेहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान में अवैध रूप से नियंत्रित कश्मीर (POK) में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए। ये ऑपरेशन मंगलवार से बुधवार की रात करीब साफ की गई जिनमें सेना ने आतंकवादियों के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने का प्रयास किया। केंद्र सरकार ने इस स्थिति में देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस क्रम में, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर हरियाणा में सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट के तौर पर चिन्हित 11 शहरों में हवाई हमले के प्रति तैयारी के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
इन मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह देखना है कि आपात स्थिति में नागरिक और सरकारी तंत्र कितनी तेजी से प्रतिक्रिया करते हैं। हरियाणा के विभिन्न शहरों में मॉक ड्रिल के साथ ही कुछ इलाकों में बिजली का ब्लैकआउट भी किया जाएगा। यह अभ्यास राज्य की सुरक्षा तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिसार, गुरुग्राम, पानीपत, रोहतक और फरीदाबाद जैसे शहरों में मॉक ड्रिल के लिए समय निर्धारित किया गया है, जहां कर्मचारी और अधिकारी मिलकर आपातकालीन स्थिति का सामना करने की तैयारी करेंगे।
हिसार में मॉक ड्रिल सुबह 4 बजे शुरू होगी और उसके बाद रात 7:30 बजे से 10 मिनट का ब्लैकआउट होगा, जबकि गुरुग्राम में सुबह 11 बजे मॉक ड्रिल और रात 9 बजे ब्लैकआउट होगा। पानीपत में भी शाम 4 बजे मॉक ड्रिल की जाएगी। रोहतक में हालांकि अभी तक समय निर्धारित नहीं किया गया है। फरीदाबाद में मॉक ड्रिल के दौरान सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि वे इस तैयारियों में भाग ले सकें।
इस अभ्यास में शामिल अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और घबराएं नहीं। मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न स्थानों पर एक साथ सायरन बजाए जाएंगे और हरियाणा के 11 शहरों में बिजली भी बंद की जाएगी। इसी तरह, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी कई अन्य शहरों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। चंडीगढ़ में शाम 7:30 बजे सायरन बजने पर स्थानीय नागरिकों को घर पर रहकर सुरक्षा तैयारियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मॉक ड्रिल से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ एहितयात बरतने और संभावित खतरों से निपटने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनसंख्या ऐसी स्थितियों में बेवजह घबराए नहीं और सुरक्षा के प्रति सजग बने रहें। यह अभ्यास किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के दौरान नागरिकों की तत्परता को जांचने और उनके मानसिक एवं शारीरिक तैयारियों को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।