हेमकुंट साहिब जाते 7 दोस्तों की मौत: परिवार को मिलेगा 4 करोड़ मुआवजा!

श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा के दौरान 28 सितंबर 2019 को हुए एक भयानक हादसे की यादें आज भी ताजा हैं, जब एक टैंपो ट्रैवलर पर चट्टान गिरने से ट्राइसिटी के सात लोग अपनी जान गंवा बैठे थे। मृतक सभी दोस्त थे और इस दुर्घटना में ट्रैवलर का ड्राइवर भी शामिल था। अब इस मामले में चंडीगढ़ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने मृतकों के परिवारों को मुआवजे के रुप में 4.20 करोड़ रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है। सभी परिवारों ने अलग-अलग केस दायर किए थे, जिसके परिणामस्वरूप यह मुआवजा तय किया गया।

ट्रिब्यूनल के अनुसार, तेजिंदर सिंह, जो ओमेक्स कंपनी में कार्यरत थे, को सबसे अधिक 1.20 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाएगा। 55 वर्ष की आयु में, उनका मासिक वेतन 2.26 लाख रुपए था। अन्य मृतकों के परिवारों को भी मुआवजे के तौर पर 60 से 80 लाख रुपए के बीच अदायगी होगी। पिंजौर पंचकूला के रमेश कुमार को 70.47 लाख, जयंती माजरी मोहाली के गुरदीप सिंह को 66.73 लाख, नयागांव मोहाली के सुरिंदर कुमार को 88.80 लाख और गांव सरसीणी मोहाली के गुरप्रीत सिंह को 73.93 लाख रुपए मिलेंगे।

हादसे की जानकारी देते हुए एक वकील ने बताया कि 2019 में कुछ दोस्त श्री हेमकुंट साहिब में मत्था टेकने के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान, उन्होंने ऋषिकेश में एक दिन रुकने का निर्णय लिया। हालांकि, 28 सितंबर को यात्रा के दौरान मूसलधार बारिश हो रही थी और रास्ता काफी खराब था। यात्रा के दौरान, वे चाय पीने के लिए रुके थे और वहां उपस्थित स्थानीय लोगों ने उन्हें भूस्खलन के संभावित खतरे के बारे में चेतावनी दी। यात्रियों ने ड्राइवर से आगे बढ़ने को मना किया, लेकिन ड्राइवर ने विश्वास जताया कि वह इस मार्ग को भलीभांति जानता है। इसी बीच, एक बड़ी चट्टान गाड़ी पर गिर गई, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ।

इस प्रकरण का सुनवाई चंडीगढ़ में होने का कारण यह था कि संबंधित इंश्योरेंस कंपनी का दफ्तर भी वहीं स्थित था। यह निर्णय मृतकों के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, जिसने उन्हें न्याय दिलाने में मदद की है। अब वे इस मुआवजे के जरिए अपने प्रियजनों की यादों को सहेजे रख सकेंगे, साथ ही उनकी कमी का सामना कर सकने में उनका थोड़ा सहारा बनेगा। यह मामला न केवल न्याय की प्रतीक है, बल्कि यात्रा की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता को दर्शाता है।