गुरु पूर्णिमा पर मंदिरों में श्रद्धालुओं-सैलानियों की भारी भीड़, लगी लाइनें

गुरु पूर्णिमा पर मंदिरों में श्रद्धालुओं-सैलानियों की भारी भीड़, लगी लाइनें

नैनीताल, 12 मई (हि.स.)। भारत एवं पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध के बीच घोषित हुए संघर्ष विराम के बाद सैलानी पर्वतीय पर्यटन स्थलों की ओर उमड़ पड़े हैं। इसकी बानगी सोमवार को गुरु पूर्णिमा के पर्व पर नैनीताल एवं निकटवर्ती पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर उमड़ी श्रद्धालुओं-सैलानियों की भीड़ के रूप में देखने को मिली। नैनीताल के नयना देवी मंदिर के साथ ही निकटवर्ती धार्मिक स्थल कैंची धाम एवं खासकर भवाली के पास स्थित घोड़ाखाल मंदिरों में आज श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही।

बताया गया है कि कैंची धाम में प्रशासनिक सख्ती के कारण अब अधिकांश श्रद्धालु घोड़ाखाल मंदिर जा रहे हैं, जो कि कुमाऊं में न्याय के देवता ग्वेल देवता एवं न्याय के मंदिर व घंटियों वाले व देवता के लिये लिखी हुई चिट्ठियों के लिये प्रसिद्ध है। बताया गया है कि यहां रविवार के बाद लगातार दूसरे दिन मंदिर परिसर में अंतिम छोर पर स्थित भैरव देवता के मंदिर के पीछे से श्रद्धालुओं की लगातार 100 मीटर से अधिक लंबी लाइनें लगी रहीं, जो सामान्यतया कभी भी नजर नहीं आती हैं। बताया गया कि इसका कारण कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के निजी वाहनों को रोका जाना है।

उधर कैंची धाम मंदिर के लिये जाने वाले श्रद्धालुओं को भवाली सैनिटोरियम पर रोकने और वहां से शटल टैक्सी से भेजने में भवाली पुलिस के कर्मियों को दोपहर बाद तक काफी मेहनत करनी पड़ी। इधर नैनीताल नगर में भी आज श्रद्धालुओं-सैलानियों की काफी भीड़भाड़ देखने को मिली।