लुधियाना जिले के जगरांव में घटित एक दिल दहला देने वाली घटना में दो बच्चों की मां ज्योति कौर की आग लगने से हुई मौत के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। दोषी पति, सुखविंदरपाल सिंह, जिसे किंदा के नाम से भी जाना जाता है, ने पुलिस के सामने कबूल किया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। पुलिस पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि ज्योति कौर के किसी अन्य युवक के साथ अवैध संबंध थे, जिसे लेकर उनके बीच अक्सर विवाद होते थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पति ने अपनी पत्नी को कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन उसकी बातों का ज्योति पर कोई असर नहीं पड़ा। तीन दिन पहले, रात को दोनों के बीच इसी विषय पर झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर, आरोपी ने डीजल डालकर अपनी पत्नी को आग लगा दी। पहले तो पुलिस ने केस को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच सामने आया कि यह हत्या का मामला है।
ज्योति की शादी 2015 में मंजीत सिंह के साथ हुई थी, जिनकी 2018 में मौत हो गई। इसके बाद, ज्योति अपने देवर सुखविंदरपाल के साथ रहने लगी, जो पहले से शादीशुदा था। इस रिश्ते में चार बच्चे पैदा हुए, और दोनों एक ही घर में दो पत्नियों और चार बच्चों के साथ रह रहे थे। चौकी इंचार्ज सुखमंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने कुछ समय पहले ज्योति को एक युवक के साथ फोन पर बात करते पकड़ा था और तब मामले को सुलझाने की कोशिश की थी।
हालांकि, जब तीन दिन पहले सुखविंदर ने अपनी पत्नी को उसी युवक से फिर से बात करते देखा, तो उसका गुस्सा भड़का और उसने ऐसी खौफनाक कार्रवाई की। घटना के बाद, पुलिस ने तुरंत आरोपी की गिरफ्तारी की और उसे अदालत में पेश किया। वर्तमान में, कोर्ट ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, ताकि पुलिस इस हत्या से जुड़े सबूतों को जुटा सके।
पुलिस अब इस मामले में डीजल की खाली बोतल, माचिस और अन्य आवश्यक सामान बरामद करने की कोशिश कर रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पारिवारिक विवादों के चलते कई बार खौफनाक घटनाएँ घटित हो जाती हैं, जो कि समाज सेवी संगठनों और कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। ऐसे मामलों में परिवार के सदस्यों को आपस में संवाद स्थापित करने और समस्याओं का समाधान शांति के साथ करने की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।