कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं कल से शुरू, 9-10 मई की परीक्षाओं पर फैसला बाकी!

हरियाणा स्थित कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया सीजफायर के बाद 12 मई से परीक्षा फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और परीक्षा प्रक्रिया पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नियमित रूप से संचालित की जाएगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने जानकारी दी कि 12 मई से सुबह और शाम के सत्र में परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

हालांकि, 9 और 10 मई को जो परीक्षाएं स्थगित की गई थीं, उनके लिए नया शेड्यूल अभी तक जारी नहीं किया गया है। इस संबंध में प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही स्थगित परीक्षाओं का शेड्यूल छात्रों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पिछले दिनों, भारत और पाकिस्तान के बीच के तनाव के कारण यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 9 और 10 मई की सभी परीक्षाओं को रोकने का निर्णय लिया था। मगर, अब परीक्षा फिर से शुरू करने के उपरांत छात्र असमंजस में हैं, क्योंकि पाकिस्तान द्वारा सीजफायर के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

छात्रों का यह डर है कि यदि सीमाओं पर फिर से फायरिंग होती है, तो परीक्षाएं एक बार फिर स्थगित हो सकती हैं। इस चिंता के चलते, परीक्षार्थी मानसिक रूप से तनावग्रस्त हैं। यूनिवर्सिटी में भारत के विभिन्न राज्यों से आने वाले छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा, कई छात्र पाकिस्तान के सीमेनज में रहने वाले क्षेत्रों के आसपास अपने परिवारों के साथ भी रह रहे हैं। यह स्थिति छात्रों और उनके परिजनों के लिए चिंताजनक बनी हुई है।

स्थानीय प्रशासन भी सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को लेकर सतर्क है और कई स्थानों पर एडवाइजरी जारी की गई है। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। छात्रों ने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा का संचालन सुरक्षित वातावरण में होगा।

इस तरह की परिस्थितियों में, विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं रह जाती, बल्कि यह छात्रों के मनोबल और सुरक्षा को भी प्रभावित करती है। भविष्य में कब और कैसे परीक्षाएं आयोजित होंगी, इसका इंतज़ार सभी कर रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वे छात्रों और उनके परिजनों को इस तनावपूर्ण स्थिति से राहत देने के उपाय करें ताकि सभी छात्र मानसिक शांति के साथ अपनी पढाई और परीक्षाओं में भाग ले सकें।