हाल ही में भारत के पहलगाम में एक आतंकी हमले को लेकर भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और पाकिस्तान के डॉन शहजाद भट्टी के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। लॉरेंस, जो अभी गुजरात की साबरमती जेल में निरुद्ध है, ने अपनी गैंग की ओर से पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी हाफिज सईद को जान से मारने की धमकी दी है। इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए, भट्टी ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उसने लॉरेंस के राज उगले जाने की चेतावनी दी। यह ध्यान देने योग्य है कि दोनों अपराधी इस पहले की समय में मित्र हुआ करते थे और उन्होंने मिलकर भारत में कई आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया है। लेकिन अब जब आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, तो ये पुराने दोस्त शत्रु में बदल गए हैं।
शहजाद भट्टी के बारे में जानने के लिए यहां 5 महत्वपूर्ण बातें हैं। सबसे पहले, भट्टी ने पिछले दो महीने में लॉरेंस के प्रति अपनी वफादारी जताते हुए कहा था कि वो उसके साथ अपनी दोस्ती नहीं तोड़ेंगे। उनका यह कहना था कि लॉरेंस की आवाज पर वे हमेशा मौजूद रहेंगे, चाहे हालात कितने ही कठिन क्यों न हों। भट्टी ने यह भी कहा कि अगर उनकी गर्दन भी कट जाए, तब भी वह लॉरेंस का साथ नहीं छोड़ेंगे। इसके पूर्व, दोनों के बीच की वीडियो कॉल भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें लॉरेंस ने भट्टी को ईद की शुभकामनाएँ दी थीं।
भट्टी ने अभी हाल ही में मुंबई के राजनीतिक नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में एक वीडियो जारी किया, जहां उसने खुलासा किया कि उसने हत्या के मुख्य आरोपी जीशान उर्फ जैसी पुरेवाल को विदेश भगाने में मदद की थी। भट्टी ने स्पष्ट किया कि यह कदम लॉरेंस के कहने पर उठाया गया था, और वह ऐसे और कार्य भविष्य में भी जारी रखेगा। इस वीडियो में भट्टी ने स्पष्ट रूप से अपनी गतिविधियों की जिम्मेदारी लेते हुए यह भी कहा कि वह लॉरेंस के संपर्क में है और उसका समर्थन करेगा।
इस प्रकार, जब लॉरेंस के गैंग ने पाकिस्तान को निर्देशित किया है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि शहजाद भट्टी इस चुनौती का सामना कैसे करते हैं। दोनों के बीच का यह युद्ध निश्चित ही लोगों के बीच चर्चाओं का विषय बना हुआ है। ऐसे में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के लिए इन दोनों अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को रोक जा सके। भारतीय जांच एजेंसियों को इन दोनों के संबंधों और उनके आपराधिक कृत्यों का विस्तृत अध्ययन करने की आवश्यकता है, जिससे भारत में किसी भी संभावित खतरे का समय पर निवारण किया जा सके।