खरखौदा को गोहाना में मिलाने के विरोध में जुटे क्षेत्रवासी

खरखौदा को गोहाना में मिलाने के विरोध में जुटे क्षेत्रवासी

सोनीपत, 18 मई (हि.स.)। खरखौदा पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में रविवार को क्षेत्र के वरिष्ठ

नागरिकों की बैठक पृथ्वी सिंह पंवार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति

से खरखौदा को गोहाना जिले में शामिल करने के प्रस्ताव का विरोध किया गया। हंसराज राणा, मास्टर राजेंद्र सिंह, रोहतास दहिया, राम दिया,

विकेश, सुरेश जटोला व अन्य वक्ताओं ने कहा कि गोहाना को जिला बनाए जाने पर आपत्ति नहीं

है, लेकिन खरखौदा को उसमें शामिल करना अनुचित है।

सोनीपत मात्र 15 किलोमीटर दूर है,

जबकि गोहाना 42 किलोमीटर दूर है, जिससे नागरिकों को असुविधा होगी। वक्ताओं ने कहा कि

खरखौदा क्षेत्र का सामाजिक, भौगोलिक और आर्थिक संबंध सोनीपत से अधिक है। आईएमटी आने

के बाद खरखौदा में विकास की गति तेज हुई है, इसलिए उसे स्वतंत्र जिला बनाया जाना चाहिए।

खरखौदा संघर्ष कमेटी ने गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत

20 मई को सिसाना, 21 को खांडा-चोलका, 22 को रोहणा-बरोना, 23 को निरथान-नकलोई, 24 को

गोपालपुर-सोहटी, और 25 मई को फिरोजपुर-जटोला में सभाएं की जाएंगी। संघर्ष कमेटी ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने खरखौदा को

जबरन गोहाना में शामिल किया तो स्थानीय लोग इसका तीव्र विरोध करेंगे। उन्होंने कहा

कि सोनीपत से जो सुविधाएं मिल रही हैं, वह गोहाना से संभव नहीं हैं। समय, धन और संसाधनों

की बर्बादी होगी, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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