आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जातिगत जनगणना के लिए अब समय है ठोस कदम उठाने का : पायलट
उदयपुर, 5 मई (हि.स.)। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि देश के सामने गंभीर चुनौतियां हैं, जिन पर केंद्र सरकार को बिना देरी किए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए इसे सीधे तौर पर भारत पर पाकिस्तान का हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष इस मसले पर एकजुट होकर सरकार के साथ खड़ा है।
पत्रकाराें से बातचीत में पायलट ने बताया कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कहा गया कि इस घिनौनी घटना का जवाब देने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में निर्दोष सैलानियों की हत्या पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकी हमला है। पूरा देश चाहता है कि पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब संसद पर हमला हुआ था, उस समय कांग्रेस पार्टी ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को पूरा समर्थन दिया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज भी राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने सरकार को पूरा समर्थन देने की बात कही है।
सचिन पायलट ने कहा कि जातिगत जनगणना को लेकर भी कार्यसमिति ने एक प्रस्ताव पास किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी यह मांग पहले से करती रही है और राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान इस पर खुलकर बात की थी।
पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल जातियों की गिनती कराना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि लोग किस हालात में रह रहे हैं, उनकी आर्थिक स्थिति, शिक्षा, आय, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें मिला या नहीं। इसके आधार पर ही नीति निर्माण और बजट आवंटन को प्रभावी बनाया जा सकता है।
पायलट ने कहा कि जब तक हमारे पास सटीक आंकड़े नहीं होंगे, तब तक हम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं कर पाएंगे। करोड़ों लोग आज भी मुख्यधारा से बाहर हैं। उन्हें समान अवसर देने और विकास की दौड़ में शामिल करने के लिए पारदर्शी जातिगत जनगणना जरूरी है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ जुमले देती है। महिला आरक्षण की घोषणा तो कर दी, लेकिन यह कब लागू होगा, किसी को पता नहीं।
सरकार को ठोस तैयारी के साथ आगे आना चाहिए।
पायलट ने मांग की कि सरकार जातिगत जनगणना को समयबद्ध तरीके से और पूरी तैयारी के साथ लागू करे। साथ ही इसमें सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और उपयोगी हो।
पायलट ने दो टूक कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार न सिर्फ पाकिस्तान को कड़ा जवाब दे, बल्कि देश के अंदर लोगों को बराबरी और न्याय दिलाने के लिए भी ठोस कदम उठाए।
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