पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने आगामी 2025-26 के लिए 15 विभिन्न समितियों के सदस्यों और अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इनमें सभी चेयरमैन आम आदमी पार्टी से हैं, जिसमें कई प्रमुख विधायकों और पूर्व मंत्रियों को शामिल किया गया है। यह कदम विधानसभा की कार्य प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि विभिन्न मुद्दों पर गहराई से अध्ययन और विचार-विमर्श किया जा सके।
नियुक्त समितियों में कांग्रेस के कुछ विधायक भी शामिल किए गए हैं, जिनमें तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखविंदर सिंह सरकारिया, संदीप जाखड़, सुखविंदर सिंह कोटली, अरूणा चौधरी और परगट सिंह शामिल हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जंगी लाल महाजन, अश्वनी शर्मा और शिरोमणि अकाली दल की गनीव कौर मजीठिया को भी सदस्य बनाया गया है। इस तरह सभी प्रमुख दलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है, जिससे विभिन्न दृष्टिकोणों का समावेश हो सके।
समितियों में निश्चित पदों की जानकारी देते हुए, डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह, जगरूप सिंह गिल को पब्लिक अंडरटेकिंग्स कमेटी का नेतृत्व सौंपा गया है। मनजीत सिंह बिलासपुर को एस्टिमेट्स समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि सरवजीत कौर माणुके को अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण समितियों में, जय कृष्ण सिंह को हाउस कमेटी का उपाध्यक्ष (एक्स-ऑफिसियो) बनाया गया है। स्थानीय निकाय समिति का अध्यक्ष कुलवंत सिंह होंगे। वहीं, बुध राम को पंचायती राज समिति का नेतृत्व दिया गया है। गुरप्रीत सिंह बनावाली को कृषि एवं संबंधित गतिविधियों की समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सरवन सिंह धुन को सहकारिता और संबंधित गतिविधियों की समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसके अतिरिक्त, कुलवंत सिंह पंडोरी विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष होंगे और दविंदरजीत सिंह लाडी धोस सरकारी आश्वासन समिति का प्रमुख कार्य देखेंगे। कुलवंत सिंह सिद्धू अधीनस्थ विधान समिति के अध्यक्ष बनेंगे, ब्रह्म शंकर जिम्पा याचिका समिति के प्रमुख होंगे, और डॉ. मोहम्मद जामिल उर रहमान को कागजात प्रस्तुत करने/रखने की समिति का नेतृत्व सौंपा गया है। इसके साथ ही इंदरजीत कौर सदन की तालिका व पुस्तकालय समिति तथा प्रश्न एवं संदर्भ समिति की अध्यक्षता करेंगी।
इन सभी समितियों के गठन से यह स्पष्ट है कि पंजाब विधानसभा विभिन्न मुद्दों को गंभीरता से लेने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों का सहयोग आवश्यक है। यह कदम विधानसभा के समग्र कार्य में पारदर्शिता और प्रभावशीलता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श के लिए यह समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।