भारत ने अपने नवीनतम ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के विभिन्न एयरबेस पर सटीक एयरस्ट्राइक की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया गया है। इस हमले में सरगोधा, नूर खान (चकलाला), भोलारी, जैकोबाबाद, सुक्कुर और रहीम यार खान एयरबेस शामिल हैं। भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए इन हमलों के बाद अब उच्च गुणवत्ता वाली सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिससे एयरबेस पर हुए नुकसान का स्पष्ट प्रमाण मिलता है। एयर मार्शल एके भारती ने 12 मई को स्पष्ट किया था कि ये हमले पाकिस्तान के भीतर विशेष रूप से सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने के उद्देश्य से किए गए थे।
सैटेलाइट तस्वीरें दर्शाती हैं कि जैकोबाबाद एयरबेस के हैंगर को विशेष रूप से नुकसान पहुंचा है। हैंगर वह स्थान होता है जहां वायुयान का रखरखाव और मरम्मत की जाती है। 11 मई की तस्वीर में स्पष्ट है कि हैंगर के पास मलबा फैला हुआ है, जबकि 30 अप्रैल की तस्वीर में ये संरचना यथास्थिति में थी। यह एयरबेस 2017 में चालू हुआ था और अब इसे गंभीर नुकसान का सामना करना पड़ा है। इसी तरह, भोलारी एयरबेस पर भी हमले के बाद छत को क्षति पहुंची है। 10 मई की सैटेलाइट तस्वीरों में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि इस एयरबेस का ढांचा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
इन एयरबेस के रणनीतिक महत्व को देखते हुए, भारत ने इन पर हमले को ध्यान में रखते हुए अपने लक्ष्य का निर्धारण किया। उदाहरण के लिए, भोलारी एयरबेस सिंध प्रांत में स्थित है, जो पाकिस्तान की साउदर्न एयर कमांड द्वारा संचालित होता है। 10 मई की तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि इस एयरबेस की स्थिति काफी बिगड़ चुकी है, जिसमें चारों ओर मलबा फैला हुआ है। ये एयरबेस रावलपिंडी और इस्लामाबाद के बीच स्थित है, जो पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आता है।
भारत ने यह ऑपरेशन 7 मई को शुरू किया था, जो पाकिस्तान व पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में 9 आतंकवादी ठिकानों पर केंद्रित था। ये हमले 26 लोगों की हत्या करने वाले पहलगाम आतंकी हमले का प्रतिशोध थे। भारतीय सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों के अन्य कैंपों को भी नष्ट किया और कई आतंकियों का सफाया किया। पाकिस्तान ने इन हमलों का जवाब देने के लिए भारतीय क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिन्हें भारतीय वायुसेना ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया।
इन घटनाक्रमों के बीच, एक सकारात्मक संकेत के रूप में, दोनों देशों ने एक सीजफायर पर सहमति व्यक्त की और तुरंत ही आगे की कार्रवाई को रोकने का निर्णय लिया। इस ऑपरेशन के बाद भारतीय सेना ने 13 मई को जम्मू-कश्मीर के शोपियां क्षेत्र में ‘ऑपरेशन केलर’ भी शुरू किया है, जिसमें आतंकवादियों का सफाया किया जा रहा है। अब तक भारतीय सेना ने इस दौरान तीन आतंकियों को मार गिराया है, जिससे हालात में और सुधार की उम्मीद की जा रही है। यह स्थिति भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा और सेना की रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण रूप से प्रभावशाली साबित हो सकती है।