जालंधर में मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार की मुख्य आकर्षण सहर हाशमी थीं, जो एक मोटिवेशनल स्पीकर और फैशन स्टाइलिस्ट हैं। अद्भुत लाइव सेशंस के माध्यम से उन्होंने अपनी टीम के साथ दिल्ली से कश्मीर तक की यात्रा का हिस्सा बनने का साहसिक कार्य किया है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक करना है, जिससे समाज में इसके महत्व को बढ़ावा मिल सके।
कॉलेज के प्रिंसिपल, डॉ. जगरूप सिंह ने सेमिनार में सहर हाशमी और उनकी टीम का स्वागत किया। सहर हाशमी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे खुद बचपन में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझती रही हैं। इसके बाद, उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया और अंततः इस कठिनाई पर काबू पाया। अब, उनकी भावना है कि वह अन्य छात्रों को भी जागरूक करें, ताकि वे इस दिशा में अपने अनुभव से कुछ सीख सकें।
सहर ने बताया कि आत्महत्या के मामलों में वृद्धि को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर खुलकर बात करने की आवश्यकता है। आज के समय में युवा पीढ़ी को मानसिक समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है और इससे निपटने के लिए उन्हें सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए संगीत, खेल, नृत्य और बातचीत थेरेपी जैसी विधियों का सहारा लिया जा सकता है।
सेमिनार में उपस्थित छात्रों को सहर की टीम ने पेंफ्लेट बांटे, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियों के साथ-साथ हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ उन्हें जरूरत पड़ने पर सही मदद उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम में गुजरात से आए देव देसाई ने भी अपने विचार साझा किए, जो मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा कर रहे थे।
कार्यक्रम में रक्षा से जुड़े मेजर पंकज, डॉ. संजय बांसल, मीना बांसल, संदीप कुमार, स्विता, और अभिषेक कुमार जैसे कई प्रमुख व्यक्ति मौजूद थे। इस सेमिनार ने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग होने और अपने अनुभव साझा करने की प्रेरणा दी। इस तरह के कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए बल्कि समाज के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक चर्चा को बढ़ावा देते हैं और चिकित्सा सहायता को एक सामान्य विषय बनाते हैं।