राजस्थान: लेडी डॉक्टर ने खुद लगाई आग! पति का कॉल, भावना ने फांदी दीवार!

राजस्थान की एक युवा लेडी डॉक्टर भावना यादव की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। हरियाणा की हिसार पुलिस ने इस हत्या के आरोप में हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (HAU) के क्लर्क उदेश यादव को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि घटना के दिन, उदेश ने ही 24 अप्रैल को भावना को जली हुई अवस्था में सोनी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस संदर्भ में भावना की मां गायत्री ने उदेश पर आरोप लगाया है कि उसने ही उनकी बेटी को जलाकर मारा। इस मामले की गहराई में जाने के लिए दैनिक भास्कर की एक टीम उदेश के गांव लिलोध पहुंची और वहां की स्थिति को समझने की कोशिश की।

उदेश की पत्नी निक्की और मां मुनेश से बातचीत के दौरान यह खुलासा हुआ कि भावना और उदेश के बीच एक अनकही प्रेम कहानी थी। निक्की का कहना है कि भावना, जो उदेश के मामा की साली थी, उससे शादी करना चाहती थी। हालांकि, भावना की मां ने इस रिश्ते के खिलाफ थे और शादी से मना कर दिया। ऐसा कहा गया कि उदेश के आर्थिक साधनों को लेकर गायत्री ने टिका टिप्पणी की थी। निक्की का यह भी कहना है कि इसकी वजह से भावना ने उदेश को लगातार मानसिक दबाव दिया, जिससे उसकी स्थिति और भी जटिल हो गई।

घटना के दिन, निक्की ने बताया कि उदेश ने उसे फोन पर बताया कि भावना उसके घर में घुस आई थी और पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया। पुलिस के पास मौजूद 60 पन्नों की बातचीत में बताया गया है कि भावना उदेश के लिए गुहार लगा रही थी, और उसके मानसिक स्वास्थ्य की भी चर्चा है। निक्की ने आगे बताया कि भावना के जीवन में उदेश की आवाज सुनने की जिद ने उसकी स्थिति को और बिगाड़ दिया था।

इस बीच, भावना की मां गायत्री ने भी इस मामले में अपने दावों को पेश किया। उन्होंने जोर दिया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी न कि महज एक हादसा। गायत्री का कहना है कि उनकी बेटी का शरीर ऐसे जल गया था जिसमें धारदार हथियार के निशान भी थे। इससे साफ है कि मामले में कोई और भी को शामिल हो सकता है। वह इस बात पर जोर दे रही हैं कि उन्हें न्याय चाहिए और आरोपी को कठोर सजा मिलनी चाहिए।

मामले की जटिलता के कारण पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। समाज और परिवार के विभिन्न सूत्रों से जानकारी एकत्रित की जा रही है, जिससे यह सामने आए कि क्या उदेश वास्तव में दोषी है या फिर किसी और की साजिश का शिकार हुआ है। यह पूरे मामले को एक सकारात्मक दिशा देने के लिए जरूरी है कि सभी तथ्यों को सही तरीके से समझा जाए और प्रकृति की न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाए।

इस केस ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में एक बड़ी चर्चा उठाई है। सबकी नजरें अब जांच पर हैं, ताकि न्याय की प्रक्रिया में किसी प्रकार की चूक न हो। उदेश, भावना और उसकी मां के बीच के सभी संबंध अब सुर्खियों में हैं, और वे सभी इस दुखद मामले में कोई न कोई जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं।