कानपुर में श्याम नगर चौकी पर तैनात दरोगा को भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने बुधवार को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। प्रारंभ में दरोगा ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी और टीम से छोड़ने की भी गुहार लगाई। लेकिन जब उसे यकीन हो गया कि टीम उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, तो उसने अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत कर दी। इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल, हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरोगा की देखभाल के लिए उसे सिपाहियों की निगरानी में रखा गया। एंटी करप्शन यूनिट के अधिकारियों ने कहा कि उसके स्वस्थ होने के बाद उसे जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उधर, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने TGT परीक्षा की तिथियों में बदलाव कर दिया है। पहले यह परीक्षा 14 और 15 मई को आयोजित होने वाली थी, लेकिन अब यह 21 और 22 जुलाई को होगी। इससे पहले आयोग ने PGT परीक्षा की तिथि भी बदली थी, जिसे 20 और 21 जून से 18 और 19 जून कर दिया गया था। इस बदलाव का कारण अपरिहार्य बताया गया है। TGT परीक्षा में 500 अंकों के 125 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसे हल करने के लिए उम्मीदवारों को 2 घंटे का समय मिलेगा। वहीं, PGT परीक्षा में 425 अंकों के 125 सवाल दिए जाएंगे और उन्हें हल करने के लिए भी 2 घंटे मिलेंगे।
गोरखपुर से एक दुखद समाचार आ रहा है, जहां एक 18 वर्षीय युवक ने बुधवार दोपहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक के शव को फंदे से लटका हुआ देखकर उसकी मां और बहन ने गहरे सदमे में जहर पी लिया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां बहन की स्थिति गंभीर होने की वजह से उसकी मौत हो गई। मां को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, और उसकी स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। यह घटना हरपुर बुदहट इलाके के कुचडेहरी गांव की है। मोहित कन्नौजिया का पिता पहले ही कई साल पहले गुजर चुका था। मोहित ने हाल ही में मुंबई से गांव लौटकर अपनी मां कौशिल्या देवी और बहन सुप्रिया के साथ दवा लाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में किसी बात पर उसकी मां से कहासुनी हो गई, जिसके बाद मोहित वापस लौट आया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
यह घटनाएं आज के साफ़-सुथरे समाज की खामियों और चुनौतियों का दर्शाती हैं। कानपुर में दरोगा की गिरफ्तारी और गोरखपुर में हुए पारिवारिक आत्महत्या ने समाज में अनुशासन की आवश्यकता और व्यक्तित्व के स्वास्थ्य का गंभीर सवाल खड़ा किया है। इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सही मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन और शिक्षा की आवश्यकता है, जिससे लोग ऐसी गंभीर स्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकें।