ग्रेनाे विकास प्राधिकरण में ई-आफिस प्रणाली लागू, अब कहीं से भी अप्रूव्ड हाें सकेंगी फाइलें
-एनआईसी ने तैयार की अफसरों की ईमेल आईडी, डिजिटल साइन भी हाे रहे तैयार
-प्रदेश सरकार की पहल पर सरकारी विभागाें में लागू हाे रही ई-ऑफिस प्रणाली
ग्रेटर नोएडा, 19 जून (हि.स.)। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने गुरुवार से ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर दी है। अब फाइल वर्क ऑनलाइन माध्यम से होगा। ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से तय समयसीमा में फाइलें अप्रूव्ड हो सकेंगी। इसके लिए प्राधिकरण के सभी स्थाई स्टाफ की (अधिकारी-कर्मचारी) ईमेल आईडी तैयार हाे गई हैं। साथ ही सभी डिजिटल साइन भी तैयार हाे रहे हैं। इस प्रक्रिया में शासन स्तर से भी निगरानी हाे सकेगी। जरूरत पड़ने पर कोई भी फाइल किसी भी सरकारी महकमे को सीधे भेजी जा सकेगी।
दरअसल, प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी कर प्रदेश के सभी सरकारी महकमों को ई-ऑफिस में तब्दील करने का निर्देश दिया था। इस पर तेजी से काम हो हो रहा है। ई-ऑफिस प्रणाली को एनआईसी लागू कर रही है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीईसीएल) इसकी नोडल एजेंसी है। ई-ऑफिस से सभी फाइल वर्क ऑनलाइन होगा। सभी विभागों की फाइलें ऑनलाइन हो जाएंगी। अधिकारी-कर्मचारी कहीं भी बैठे हों, वहीं से फाइलें साइन कर सकेंगे। फाइलों पर अप्रूवल का समय व तिथि दोनों ही अंकित होगा, जिससे कर्मचारी व अधिकारी फाइलें समय से कर सकेंगे। इस पर शासन की टीम निगरानी करेगी।
गुरुवार से ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में भी ई-ऑफिस शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने प्राधिकरण के सभी विभागाें में ई-ऑफिस पर ही कामकाज करने के निर्देश दिए हैं। जैसे-जैसे अधिकारियों-कर्मचारियों के डिजिटल साइन बनते जाएंगे, वैसे-वैसे ई-ऑफिस पर फाइल वर्क होता रहेगा। सभी विभागों की फाइलें ई-ऑफिस पर अपलोड की जाएंगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अभिषेक पाठक ने बताया कि प्राधिकरण के अधिकांश अधिकारियों व कर्मचारियों के ईमेल आईडी तैयार हो गए हैं और डिजिटल साइन तैयार किया जा रहे हैं। प्राधिकरण की कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द प्राधिकरण के सभी विभागीय कामकाज ई-ऑफिस पर हो। प्राधिकरण की 55 हजार से अधिक फाइल को स्कैन कर डाटा बैंक पहले से ही तैयार है। इसका उपयोग कर निवेश मित्र व अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाले आवेदनों को ई-ऑफिस के माध्यम से निस्तारित किया जाएगा। प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि ई-ऑफिस से विभागीय कामकाज में और पारदर्शिता आएगी। हर स्तर पर फाइल तय समय में अप्रूव्ड होगी। फाइल किस स्तर पर है, इसका भी पता चलता रहेगा। इससे लोगों को सहूलियत हो जाएगी।