बिना जमीन भूखंड काटने वाले आरोपी को जमानत नहीं
जयपुर, 23 जून (हि.स.)। अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-5 महानगर प्रथम ने बिना जमीन भूखंड काटकर धोखाधडी करने वाले अभियुक्त जगदीश नारायण को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया है। पीठासीन अधिकारी मनोज जोशी ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर स्वयं की खरीदशुदा जमीन नहीं होने के बावजूद भी साल 1997 की तारीख में भूखंड आवंटित कर कब्जा नहीं देकर राशि हडप करने का आरोप है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता।
जमानत प्रार्थना पत्र में कहा गया कि उसे प्रकरण में ब्लैकमेल कर राशि ऐंठने की नियत से शिकायतकर्ता ने सोसायटी के अन्य लोगों से मिलीभगत कर फंसाया है। शिकायतकर्ता को जारी पट्टे पर उसके हस्ताक्षर भी नहीं है। शिकायतकर्ता को समिति की ओर से पट्टा जारी किया गया है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए शिकायतकर्ता के वकील संदीप लुहाडिया ने कहा कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया था कि खेत की फसल कटने के बाद वह उसे भूखंड का कब्जा सौंप देगा। इसके चलते परिवादी ने उससे प्लॉट खरीदा था, लेकिन उसे कब्जा नहीं सौंपा गया। जब उसने मौके पर जाकर पूछताछ की तो पता चला कि यह जमीन किसानों की है और आरोपी ने उसे खरीदा ही नहीं है। ऐसे में आरोपी ने बिना जमीन उससे भूमि बेचकर ठगी की है। इसलिए उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता प्रेम कुमार सहगल ने 12 मई, 2024 को जवाहर सर्किल थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी।
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