अमित यादव अपने परिवार का इकलौता बेटा था। कुछ महीने पहले उसके पिता का निधन हुआ था और वह तीन बहनों व मां का एकमात्र सहारा था। घर में मातम पसरा है, मां बेसुध है और बहनें सदमे में हैं।
विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने आज सुबह मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और प्रशासन पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “बगैर चेतावनी पानी छोड़ना जनता की जान से खिलवाड़ है। पिछले साल के बाढ़ पीड़ित आज तक मुआवज़े का इंतज़ार कर रहे हैं और अब फिर वही लापरवाही हुई है। प्रशासन सिर्फ कागजों में सक्रिय है, ज़मीन पर कुछ नहीं। बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के प्रधानपाठ बैराज से अचानक पानी छोड़ा गया, जिससे खैरागढ़ शहर और आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। इतवारी बाजार, जो शहर का प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र है, वहां दुकानों में पानी घुस गया और व्यापारियों का लाखो का सामान बह गया। कई किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं।