सिरसा: सडक़ निर्माण व सीवरेज लाइन की मांग को लेकर दिया धरना
सिरसा, 7 जुलाई (हि.स.)। सडक़ व सीवरेज समस्या को लेकर सोमवार को लोगों ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरना दे रहे लोगों ने बताया कि चौटाला हाउस से लेकर हिसार रोड को मिलाने वाली सड़क जर्जर हालात में, लेकिन इसकी रिपेयर नहीं की जा रही है। इसी क्षेत्र में सीवरेज की नई पाइप लाइन भी डाली जानी है, मगर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के साथ ही हिसार रोड पर धरने पर बैठे क्षेत्रवासी अमर सिंह ज्याणी, दीपक भाटिया, दीपक मक्कड़, रमेश शर्मा, ललित सोनी, मुनीष कुमार, राज शर्मा,आदि ने बताया कि यह मार्ग इस समय बरनाला रोड से हिसार रोड को मिलाने का सबसे अहम मार्ग है और इस मार्ग के जर्जरावस्था में होने के बावजूद इसे बनाने की दिशा में कोई पहलकदमी नहीं की जा रही। उन्होंने बताया कि इस सडक़ में पड़े गहरे गड्ढे नित्य गंभीर हादसों को जन्म दे रहे हैं और इतना ही नहीं इस सडक के समीपस्थ बसी राम कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, एडीसी कॉलोनी, गुरुनानक नगर आदि महत्वपूर्ण क्षेत्रों के हजारों लोगों का यहां से नित्य गुजर होता है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस अहम सडक की जर्जरावस्था व इसी सडक के एक हिस्से में सीवरेज की लाइन डालने को लेकर क्षेत्रवासियों की ओर से पिछले करीब एक साल से संघर्ष किया जा रहा है मगर प्रशासनिक उदासीनता के चलते इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा सका है, जो पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस सडक के निर्माण के लिए तत्कालीन डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला ने पहलकदमी करते हुए निकाय विभाग के आलाधिकारियों को निर्देशित कर इस अहम मार्ग को नवनिर्मित करने के आदेश जारी किए थी और उसी कड़ी में निकाय विभाग ने इस सडक के मैटल रोड के रूप में निर्माण के लिए 77 लाख 45 हजार से अधिक की राशि जारी की और 13 अगस्त 2024 को टेंडर लगाया गया। साथ ही बीती 20 अगस्त 2024 को टेंडर भी लॉर्ड शिवा कंपनी को वितरित किया गया।
इस सडक के निर्माण की तिथि 27 दिसंबर 2024 और समाप्ति 27 मार्च 2025 को निर्धारित की गई थी। इसमें ये भी वर्णित किया गया कि निर्मित की जाने वाली सडक में किसी भी प्रकार की कोई खराबी आती है तो वह 1095 दिनों तक उसे दुरुस्त करने के लिए निर्माण एजेंसी ही बाध्य होगी। हैरानीजनक है कि इतना सब होने के बावजूद अभी तक इस सडक के निर्माण की दिशा में न तो कभी कोई पहल की गई और न ही किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस दिशा में गंभीर होने की कोशिश की। क्षेत्रवासियों की मांग की है कि सडक़ की मरम्मत की जाए ताकि हादसों से बचा जा सके।
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