मुख्य अतिथि डॉ. रेव गुप्ता ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ दक्षतापूर्वक अध्ययन करने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय जीवन का भरपूर आनंद लेने तथा उसे सीखने का स्वर्णिम अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आत्मविकास और शैक्षिक प्रगति के लिए अनुशासन व समर्पण अत्यंत आवश्यक हैं। डॉ. गुप्ता ने द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु विशेष रूप से सराहना की तथा प्रोफेसर करम सिंह के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया, जिन्होंने आयोजन की सम्पूर्ण योजना में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए इसे भव्य रूप प्रदान किया। कार्यक्रम में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिनमें नृत्य, गीत एवं नाट्य अभिनय प्रमुख रहे। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।