राज्यपाल ने कहा कि श्रवण कुमार की कामयाबी सिर्फ परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि गरीबी और संघर्ष के बावजूद हासिल की गई एक असाधारण जीत है। राज्यपाल बागड़े ने इसकी सराहना करते हुए दूसरों के लिए इसे अनुकरणीय बताया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कलेक्ट्रेट सभागार में श्रवण कुमार को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर श्रवण को सम्मानित किया। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रवण और उसके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए और उन्हें पात्रतानुसार जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि श्रवण भविष्य में एक सफल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे।