कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री प्रोफेसरशिप योजना के अंतर्गत चयनित

इस योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालयों को सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों व शिक्षाविदों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जो शिक्षण के साथ ही अनुसंधान व नवाचार में योगदान देंगे। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान रावत ने इसे सम्पूर्ण उत्तराखण्ड के लिए गौरव का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि इससे अनुसंधान में गुणवत्ता बढ़ेगी व विद्यार्थियों को अनुभवी विशेषज्ञों से सीधा मार्गदर्शन मिलेगा। प्रोफेसरशिप योजना के तहत चयनित विशेषज्ञों को ₹20 लाख तक का वार्षिक शोध अनुदान तथा विश्वविद्यालय की ओर से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने इस चयन के साथ फिर सिद्ध कर दिया है कि वह हिमालयी क्षेत्र में उच्च स्तरीय अनुसंधान व शिक्षा का केंद्र बनता जा रहा है।