इस संबंध में अध्यक्ष अंकुश चौधरी ने बताया कि डुमना में ककरतला प्राथमिक शाला में बच्चों से झाड़ू लगाने एवं बर्तन धुलवाने का कार्य कराया जा रहा है। बच्चों को समय से पहले ही स्कूल बुला लिया जाता है ताकि बच्चों से झाड़ू लगवाई जा सके। बच्चे स्कूल में पढ़ने आते हैं, लेकिन उनसे झाड़ू लगवा कर उनका शोषण किया जा रहा है। शिक्षा के मंदिर में शिक्षा के जगह बच्चों से काम करवाना वो भी बर्तन, झाड़ू जैसा काम ये अति निंदनीय कृत्य है।
साथ ही इनका कहना यह भी रहा कि शिक्षा का अधिकार बच्चों का मौलिक अधिकार है लेकिन शिक्षा के आड़ में उनसे काम करवा कर उनके मौलिक अधिकारों का शोषण किया जा रहा है। इसमें सम्बंधित दोषी अधिकारी और प्राचार्य के ऊपर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।