1972 ओलंपिक हॉकी टीम के सदस्य डॉ वेस पैस का निधन, केएसएलटीए ने जताया शोक

केएसएलटीए के संयुक्त सचिव सुनील यजमान ने लिएंडर पेस, उनकी मां जेनिफर और पूरे परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ पेस भारतीय खेल संस्कृति के प्रबल समर्थक और खेल विज्ञान के अग्रणी थे। उन्होंने कहा, “यह भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है। डॉ पेस मेरे बेहद करीबी मित्र थे और मैंने उनसे खेल के बारे में बहुत कुछ सीखा। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।”

अप्रैल 1945 में गोवा में जन्मे डॉ पेस न केवल हॉकी, बल्कि क्रिकेट, फुटबॉल और रग्बी में भी सक्रिय रहे। 1996 से 2002 तक उन्होंने भारतीय रग्बी फुटबॉल यूनियन के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और खेल चिकित्सा के डॉक्टर होने के साथ-साथ कोलकाता क्रिकेट एवं फुटबॉल क्लब की अध्यक्षता भी संभाली।

उनके बेटे और टेनिस स्टार लिएंडर पेस अक्सर अपने पिता के प्रभाव और ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के उनके जुनून का उल्लेख करते रहे हैं।

डॉ पेस की उपलब्धियां और खेल के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।