विरोध कार्यक्रम में एबीवीपी रांची विभाग संयोजक प्रकाश टुटी विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का नेतृत्व परिषद के जिला संयोजक पवन कुमार और नगर अध्यक्ष अशोक टुटी ने किया।
इस अवसर पर विद्यार्थी परिषद के अशोक टूटी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पारित यह विधेयक विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वतंत्रता और स्वायत्तता पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति का अधिकार सीधे राज्य सरकार को दिए जाने का अर्थ है कि अब विश्वविद्यालय पूरी तरह राजनीतिक नियंत्रण और दबाव में काम करेंगे।
टूटी ने कहा कि शिक्षा संस्थान ज्ञान और अनुसंधान के केंद्र होते हैं, न कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं की नियुक्ति का अड्डा।
जिला संयोजक पवन कुमार ने कहा कि यह कदम संविधान की उस मूल भावना के विपरीत है, जो शिक्षा और विचार की स्वतंत्रता को सर्वाेच्च मानती है। यदि विश्वविद्यालय राजनीतिक हस्तक्षेप से ग्रस्त होंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निष्पक्ष वातावरण नहीं मिल पाएगा। विभाग संयोजक प्रकाश टुटी ने कहा कि विद्यार्थी परिरषद हमेशा से शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता का पक्षधर रही है। यह विधेयक शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिकरण की ओर धकेलेगा, जिसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश कार्यकारणी सदस्य हीरांजलि ने कहा कि यह केवल विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमला नहीं है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
मौके पर दीपक, अंजनी, सोनम, सुषमा, अनमोल, आयुष सहित अन्य मौजूद थे।