इस जीत के साथ खाचानोव अपने करियर के 11वें एटीपी फाइनल में पहुंच गए हैं, जहां उनका मुकाबला टेलर फ्रिट्ज या बेन शेल्टन से होगा। दोनों के बीच होने वाला ऑल-अमेरिकन सेमीफाइनल एक तकनीकी खामी की वजह से शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया था। इलेक्ट्रॉनिक लाइन-कॉलिंग सिस्टम में समस्या आने के कारण मैच को टालना पड़ा। मैच के दौरान खाचानोव ने एक महत्वपूर्ण मैच प्वाइंट बचाया, जब तीसरे सेट में स्कोर 6-6 था और ज्वेरेव का बैकहैंड नेट में चला गया। लगभग तीन घंटे तक चले इस मुकाबले में ज्वेरेव ने 44 अनफोर्स्ड एरर किए, जबकि खाचानोव ने 29 विनर्स और 34 अनफोर्स्ड एरर के साथ संतुलित खेल दिखाया।
जीत के बाद खाचानोव ने कहा, “यह एक मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण मैच था। मैंने खुद से कहा कि चाहे जो हो जाए, कोशिश करनी है और हार नहीं माननी है। टाईब्रेक में जब फाइनल तक बात पहुंच जाए, तो नकारात्मक सोच की कोई जगह नहीं होती।”
खाचानोव इस सीजन का अपना पहला फाइनल खेलेंगे। इससे पहले वह बार्सिलोना और हाले में सेमीफाइनल में हार गए थे। पहले सेट में उन्होंने चौथे गेम में ब्रेक हासिल कर बढ़त बनाई और अंत तक उसे बरकरार रखा। दूसरे सेट में ज्वेरेव ने आखिरी आठ अंक जीतकर मुकाबले में वापसी की, लेकिन अंत में बाज़ी खाचानोव के नाम रही।
अब सबकी निगाहें खाचानोव के फाइनल मुकाबले पर टिकी होंगी, जहां वह खिताब जीतकर अपने सीजन की पहली ट्रॉफी उठाने की कोशिश करेंगे।